Jun 2, 2026

02-06-2026 मियाँ की जूती मियाँ के सिर


02-06-2026 मियाँ की जूती मियाँ के सिर


तोताराम ने बैठते ही पूछा- माताजी का क्या हाल है ? हमने कहा- क्या बहकी-बहकी बात कर रहा है । इस गई 20 अप्रैल को माताजी को गुजरे 26 साल हो गए और आज तू हाल पूछ रहा है ।वैसे तो प्राण निकलने के साथ ही सब खेल खत्म हो जाता है लेकिन धर्म के नाम पर मुफ़्त का माल खाने वाले परजीवी लोग स्वर्ग नरक का चक्कर चलाकर कभी श्राद्ध, कभी बरसी के नाम पर ठगते रहते हैं । मरे हुए के नाम पर जिंदा का जीना हराम किये रहते हैं । अगर इसी रफ्तार से जगद्गुरु की वैज्ञानिक सोच बढ़ती रही तो ये लोग आपके मृत माता-पिता के नाम से अपना रिचार्ज करवाने लगेंगे कि यजमान आपकी माताजी के ताजा हालचाल मिलते रहने के लिए तीन हजार का जियो का रिचार्ज करवा दीजिए । बोला- मैं ताई के हालचाल थोड़े पूछ रहा हूँ । मैं तो योगी जी की माताजी का हाल जानना चाहता था । हमने कहा- तो फिर तुझे योगी जी से पूछना चाहिये । उनकी माताजी सावित्री देवी पौड़ी गढ़वाल में रहती हैं । अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ होता तो अब तक तो सारे देश को खबर हो जाती । बोला- मैं जन्म देने वाली माता की नहीं, बल्कि बिना घोषित किए ही राष्ट्र की स्वतः सनातन माता ‘गौमाता’ की बात कर रहा हूँ जिसका कुछ मुसलमान धार्मिक नेताओं ने उसे ‘राष्ट्रीय पशु’ कहकर अपमान किया है । इन पर तो राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलता चाहिए । और फौरी न्याय के बतौर इनके घरों पर बुलडोज़र तो तत्काल चला ही दिया जाना चाहिए । हमने कहा- इस संसार में सभी पशु ही तो है । शेर, बाघ, भेड़िया हिंस्र पशु हैं; गाएं, भैंस, बकरी, भेड़, घोडा, गधा आदि पालतू पशु हैं । ये चौपाये होते हैं । मनुष्य के दो पैर होते हैं । वह अपने आगे के दो पैरों को हाथों की तरह काम में लेकर औजार बना सकता है, खेती कर सकता है, समाज का निर्माण करता है इसलिए वह एक सामाजिक पशु ( सोशियल एनिमल ) है । जैसे ही मनुष्य ने दो पैरों पर खड़े होना शुरू किया वह पशु से भिन्न हो गया । बंदर भालुओं को भी राम ने अपने साथ लिया क्योंकि वे दो पैरों पर खड़े हो सकते थे और मनुष्य के परिवार के निकट ही थे । साहित्य-संगीत-कला विहीन अंध भक्त भी तो बिना सींग पूंछ के पशु ही हैं । लालची को धन-पशु कहते हैं ।कृष्ण की आठ पटरानियों में से एक ऋक्षराज जांबवान की पुत्री जांबवती थी । बोला- गाय हमें दूध पिलाती है इसलिए वह माता है, सभी देशवासी उसका दूध पीते हैं इसलिए वह पशु नहीं राष्ट्रमाता है । हमने कहा- अगर दूध पिलाने वाली माता होती है तो लोग तो भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी आदि का दूध भी पीते हैं । उन्हें भी माता नहीं तो कम से कम मौसी, चाची, ताई कुछ तो दर्जा दिया जाना चाहिए । और फिर जब राष्ट्रमाता है तो बंगाल में 14 साल की होने पर उसका दर्जा छीन कर काटने योग्य क्यों घोषित कर दिया जाता है ? फिर वह नॉर्थ ईस्ट और गोवा में माता क्यों नहीं है ? अगर माता है तो माता है फिर चाहे कहीं भी, कितनी भी उम्र की हो । मुसलमानों को हड़काने के लिए कुछ और, चुनाव के लिए कुछ और, और हिन्दू मालिकों के बूचड़खानों के लिए कुछ और । हो सकता है कल को मछली हाथ में लटकाकर बंगाल में चुनाव प्रचार करने की तरह नागालैंड में गाय काटते हुए या मंगलवार को गौमांस खाने का वीडियो जारी करना पड़ जाए । और फिर भई हमारे पासपोर्ट में तो हमारी वास्तविक माता का ही नाम लिखा हुआ है । जो माता मानते हैं उनके रिकार्ड में चेंज करवा दे । वैसे सावरकर गाय को माता नहीं, एक उपयोगी पशु मात्र मानते थे । तो क्या सावरकर पर भी एफ आई आर करोगे ? और किरण रिजिजू तो घोषित गाय भक्षक है । उसे भाजपा और मंत्रीमंडल से तो कम से कम अभी हटा दो । और बीफ खाने वाले फादरलैंड इज़राइल से तो संबंध तोड़ ही लो । बोला- फिलहाल तो इस मादनी का कुछ करना पड़ेगा जिसने मियाँ की जूती मियाँ के सिर मार दी ।




 

 




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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

Jun 1, 2026

01-06-2026 आज का मेन्यू


02-06-2026 

मियाँ की जूती मियाँ के सिर 






तोताराम ने बैठते ही पूछा- माताजी का क्या हाल है ?

हमने कहा- क्या बहकी-बहकी बात कर रहा है । इस गई 20 अप्रैल को माताजी को गुजरे 26 साल हो गए और आज तू हाल पूछ रहा है ।वैसे तो प्राण निकलने के साथ ही सब खेल खत्म हो जाता है लेकिन धर्म के नाम पर मुफ़्त का माल खाने वाले परजीवी लोग स्वर्ग नरक का चक्कर चलाकर कभी श्राद्ध, कभी बरसी के नाम पर ठगते रहते हैं । मरे हुए के नाम पर जिंदा का जीना हराम किये रहते हैं । अगर इसी रफ्तार से जगद्गुरु की वैज्ञानिक सोच बढ़ती रही तो ये लोग आपके मृत माता-पिता के नाम से अपना रिचार्ज करवाने लगेंगे कि यजमान आपकी माताजी के ताजा हालचाल मिलते रहने के लिए तीन हजार का जियो का रिचार्ज करवा दीजिए । 

बोला- मैं ताई के हालचाल थोड़े पूछ रहा हूँ । मैं तो योगी जी की माताजी का हाल जानना चाहता था । 

हमने कहा-  तो फिर तुझे योगी जी से पूछना चाहिये । उनकी माताजी सावित्री देवी पौड़ी गढ़वाल में रहती हैं । अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ होता तो अब तक तो सारे देश को खबर हो जाती ।

बोला- मैं जन्म देने वाली माता की नहीं, बल्कि बिना घोषित किए ही राष्ट्र की स्वतः सनातन माता ‘गौमाता’ की बात कर रहा हूँ जिसका कुछ मुसलमान धार्मिक नेताओं ने उसे ‘राष्ट्रीय पशु’ कहकर अपमान किया है । इन पर तो राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलता चाहिए । और फौरी न्याय के बतौर इनके घरों पर बुलडोज़र तो तत्काल चला ही दिया जाना चाहिए । 

हमने कहा- इस संसार में सभी पशु ही तो है । शेर, बाघ, भेड़िया हिंस्र पशु हैं; गाएं, भैंस, बकरी, भेड़, घोडा, गधा आदि पालतू पशु हैं । ये चौपाये होते हैं । मनुष्य के दो पैर होते हैं । वह अपने आगे के दो पैरों को हाथों की तरह काम में लेकर औजार बना सकता है, खेती कर सकता है, समाज का निर्माण करता है  इसलिए वह एक सामाजिक पशु ( सोशियल एनिमल )  है । जैसे ही मनुष्य ने  दो पैरों पर खड़े होना शुरू किया वह पशु से भिन्न हो गया । बंदर भालुओं को भी राम ने अपने साथ लिया क्योंकि वे दो पैरों पर खड़े हो सकते थे और मनुष्य के परिवार के निकट ही थे । साहित्य-संगीत-कला विहीन अंध भक्त भी तो बिना सींग पूंछ के पशु ही हैं । लालची को धन-पशु कहते हैं ।कृष्ण की आठ पटरानियों में से एक ऋक्षराज जांबवान की पुत्री जांबवती थी । 

बोला- गाय हमें दूध पिलाती है इसलिए वह माता है, सभी देशवासी उसका दूध पीते हैं इसलिए वह पशु नहीं राष्ट्रमाता है । 

हमने कहा- अगर दूध पिलाने वाली माता होती है तो लोग तो भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी आदि का दूध भी पीते हैं ।  उन्हें भी माता नहीं तो कम से कम मौसी, चाची, ताई कुछ तो दर्जा दिया जाना चाहिए । और फिर जब राष्ट्रमाता है तो बंगाल में 14 साल की होने पर उसका दर्जा छीन कर काटने योग्य क्यों घोषित कर दिया जाता है ? फिर वह नॉर्थ ईस्ट और गोवा में माता क्यों नहीं है ? अगर माता है तो माता है फिर चाहे कहीं भी, कितनी भी उम्र की हो । मुसलमानों को हड़काने के लिए कुछ और, चुनाव के लिए कुछ और, और  हिन्दू मालिकों के बूचड़खानों के लिए कुछ और । हो सकता है कल को मछली हाथ में लटकाकर बंगाल में चुनाव प्रचार करने की तरह नागालैंड में गाय काटते हुए या मंगलवार को गौमांस खाने का वीडियो जारी करना पड़ जाए ।  

और फिर भई हमारे पासपोर्ट में तो हमारी वास्तविक माता का ही नाम लिखा हुआ है । जो माता मानते हैं उनके रिकार्ड में चेंज करवा दे । वैसे सावरकर गाय को माता नहीं, एक उपयोगी पशु मात्र मानते थे । तो क्या सावरकर पर भी एफ आई आर करोगे ? और किरण रिजिजू तो घोषित गाय भक्षक है । उसे भाजपा और मंत्रीमंडल से तो कम से कम अभी हटा दो ।  और बीफ खाने वाले फादरलैंड इज़राइल से तो संबंध तोड़ ही लो । 

बोला- फिलहाल तो इस मादनी का कुछ करना पड़ेगा जिसने मियाँ की जूती मियाँ के सिर मार दी । 



 




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