Sep 13, 2026

02-08-2026 मोदी मंदिर


02-08-2026  

 

मोदी मंदिर  

आज तोताराम बहुत प्रसन्न था, बोला- अब तो मान ले लोहा, कर ले चमत्कार को नमस्कार ।  

हमने कहा- क्या चमत्कार हो गया ? क्या मोदी जी नोटबंदी और  किसान आंदोलन में मृत लोगों,  नीट पेपर आउट के मृत विद्यार्थियों, जंतर मंतर आंदोलने में अपमानित किए बच्चों या मणिपुर के पीड़ित लोगों के बारे में कुछ बोले, उनसे माफ़ी मांगी ? उनका दुख-दर्द पूछने चले गए 

बोला- ये कोई चमत्कार थोड़े हैं । ये तो राहुल जैसे निठल्ले लोगों के काम हैं । मोदी जी का तो मंदिर बन रहा है ।  

हमने कहा- इस देश में मंदिर बनना-बनाना कोई मुश्किल काम है ? कोई भी कहीं भी दो पत्थर रखकर, अगरबत्ती जला देगा तो बन गया मंदिर, हो गई मज़ारमुश्किल तो है स्कूल बनाना, उन्हें सुविधा सम्पन्न बनानाजहां स्कूलों से ज्यादा मंदिर-मस्जिद हों उस देश के अच्छे दिन कभी नहीं आनेफिर वे मंदिर चाहे किसी ईश्वर के हों, बुद्ध के हों या अंबेडकर के या फिर दयानंद सरस्वती केमूर्तियाँ विचार और तर्क की बहुत बड़ी दुश्मन होती हैंइस देश में तो पशु-पक्षियों के भी अनेक मंदिर हैं जैसे  

   

  • करणी माता मंदिर (चूहों का मंदिर): राजस्थान के बीकानेर के पास देशनोक में स्थित इस मंदिर में 25,000 से अधिक चूहे खुलेआम घूमते हैंइन्हें यहाँ पवित्र माना जाता है और 'काबा' कहा जाता है।  

  • कुक्कुरदेव मंदिर (कुत्ते का मंदिर): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के खापरी गाँव में स्थित यह मंदिर कुत्ते को समर्पित हैमाना जाता है कि यहाँ दर्शन करने से कुत्ते के काटने का भय नहीं रहता।  

  • कुतिया महारानी मंदिर: उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले के मौरानीपुर में स्थित इस छोटे से मंदिर में एक कुतिया की मूर्ति स्थापित कर उसकी पूजा की जाती है।  

  • मन्नारसला श्री नागराज मंदिर (सांपों का मंदिर): केरल के हरिपाड (मन्नारसला) में स्थित इस प्राचीन मंदिर में सांपों की मूर्तियों और चित्रों की भरमार है, जहाँ नाग देवता की पूजा होती है।  

  • बुल टेम्पल (नंदी मंदिर): कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थित इस मंदिर में भगवान शिव के वाहन नंदी (सांड) की एक विशाल 15 फीट लंबी प्रतिमा है, जिसकी पूजा की जाती है।  

और तो और फिल्म वालों के भी मंदिर हैं जैसे  

 

  • अमिताभ बच्चन (कोलकाता): जैसा कि आपने ज़िक्र किया, कोलकाता के बालीगंज (आनंद नगरी) इलाके में फैंस ने उनका एक मंदिर बनाया है, जिसे बच्चन धाम कहा जाता हैयहाँ उनकी एक मूर्ति है और उनकी फिल्म 'अक्स' से प्रेरित कुर्सी व 'अग्निपथ' के जूते रखे गए हैं  

  • रजनीकांत (कर्नाटक): दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत के लिए फैंस ने कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर में एक विशेष 'सहस्र लिंगम' स्थापित किया है, जहाँ उनकी सेहत के लिए पूजा की जाती है  

  • सोनू सूद (तेलंगाना): कोरोना महामारी के दौरान लोगों की मदद करने वाले अभिनेता सोनू सूद को फैंस ने 'मसीहा' मानातेलंगाना के डुब्बा टांडा गांव में फैंस ने सोनू सूद की मूर्ति लगाकर उनका मंदिर बनाया है।  

  • सामंथा रुथ प्रभु (आंध्र प्रदेश): साउथ की मशहूर अभिनेत्री सामंथा के एक प्रशंसक ने आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में अपने घर के अहाते में ही उनका मंदिर बना दिया और वहाँ उनकी मूर्ति स्थापित की।  

  • निधि अग्रवाल (चेन्नई): फिल्म 'इस्मार्ट शंकर' से मशहूर हुईं अभिनेत्री निधि अग्रवाल के फैंस ने चेन्नई में उनका मंदिर बनाया और उनकी मूर्ति पर दूध से अभिषेक भी किया।  

  • हंसिका मोटवानी (मदुरै): अभिनेत्री हंसिका मोटवानी की लोकप्रियता जब चरम पर थी, तब तमिलनाडु के मदुरै में उनके फैंस ने उनके नाम पर एक मंदिर बनाया था, जिसमें उनकी मूर्ति लगाई गई थी।  

  • सचिन तेंदुलकर (बिहार): क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का मंदिर बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के अतरवलिया गांव में बनाया गया हैयहाँ सचिन की आदमकद (लाइफ-साइज) मूर्ति लगाई गई है 

  •  नेताओं में  

  • सोनिया गांधी (तेलंगाना): कांग्रेस पार्टी की नेता सोनिया गांधी के प्रति सम्मान दिखाने के लिए तेलंगाना के एक नेता ने उनका मंदिर बनवाया था, जहाँ उनकी 9 फीट ऊंची कांसे की मूर्ति लगाई गई थी ।  

और मोदी जी का भी एक मंदिर ग्वालियर में पहले से ही है ।  

 

यह देश विश्व गुरु है यहाँ एक दलित नेता ने अंग्रेजी का मंदिर बनवाया था ।  

बोला- अगर तेरा यह मूर्ति महापुराण बंद हो तो कोई काम की बात करूँ ? 

हमने कहा- करो, करोआज के दिन मोदी जी से बढ़कर और किसकी बात काम की बात हो सकती है ? लेकिन हमारा मानना है कि किसी भी जीवित व्यक्ति की मूर्ति या मंदिर बनाना अशुभ माना जाता हैतुझे याद है अपने गाँव में विद्या भवन नाम की  युवाओं की एक संस्था थी जिसने 1962 में स्टेशन के सामने नेहरू जी की एक मूर्ति बनवाना शुरू किया था । 1963 में मूर्ति बनी और 1964 में नेहरू जी की मृत्युबाद में 1965 में जब इंदिरा जी अपने गाँव में आई थीं तो उन्होंने उसका अनावरण किया थामायावती ने अपनी जीते जी मूर्तियाँ लगवा दींउसके बाद से घर बैठी हैं ।  

बोला- लेकिन मोदी जी का यह मंदिर काई मायनों में अनोखा है ।  

हमने कहा- कैसे ? 

बोला- इसे ट्रांसजेंडर बोर्ड की तरफ से बनवाया जा रहा है जिसका अध्यक्ष एक ट्रांसजेंडर ही है । 5 एकड़ में सौ सवा सौ करोड़ में बनेगा मंदिर ।  

हमने कहा- जिस तरह से मंदिरों, कुम्भ मेलों, दीये जलाने के रिकार्ड बनाने में धन खर्च किया जा रहा है उसे देखते हुए यह धन कुछ भी नहीं हैफिर भी जिस देश में स्कूलों में कमरे, फर्नीचर, शौचालय, पीने का पानी नहीं है वहाँ यह एक नैतिक अपराध हैमोदी जी के मंदिर की क्या जरूरत है । वे वैसे ही कण कण में व्याप्त हैं लाल किले से लेकर सुलभ शौचालय तक में , 5 किलो अनाज के बोर से लेकर कोरोना के टीके के प्रमाण पत्र और रेल टिकट तक पर ।  

बोल- मंदिर की बात कुछ और होती है । सुबह शाम आरती, भजन कीर्तन, मन्नत मनौती आदि ।  

हमने कहा- लेकिन मंदिर के लिए जिस मूर्ति का पोस्टर ट्रांसजेंडर बोर्ड का अध्यक्ष ट्रांसजेंडर राजन सिंह उर्फ रंजन सिंह दिखा रहा है वह राम स्टाइल में दाढ़ी वाले मोदी जी का है । इसमें में परशुराम, द्रोणाचार्य अधिक लगते हैं राम कमऔर  अगर दाढ़ी हटा दी जाए तो पता ही नहीं लगेगा कि यह है कौनमोदी जी तो बिल्कुल नहीं लगेंगेऔर दाढ़ी के साथ ट्रांसजेंडर कोई संबंध स्थापित नहीं कर पाएंगेकोई दाढ़ी वाला हिजड़ा देखा है 

बोला- यह तो हिजड़ों का अपना निर्णय है वे चाहें जिस विग्रह में मोदी को स्थापित करें ।  

हमने कहा- हिजड़े कन्फ्यूज तो हो जाएँगे क्योंकि मोदी जी के लाखों रूप हैं नित नएभक्त  भगवान को अपने मन के अनुसार बनाना चाहता है जैसे मांसाहारी मांस का भोग लगाएगा और शराबी अपने आराध्य को हम पियाला बनाना चाहता हैऐसे में अगर ट्रांसजेंडरों ने मोदी जी की दाढ़ी साफ करके घाघरा चुन्नी पहनाकरजियो जियो रे लल’'  करवा दिया तो छप्पन इंची सीने, लाल आँख और पठान का बच्चा वाली इमेज का सत्यानाश हो जाएगा ।  

इसके साथ एक चक्कर और हैमोदी जी कहते हैं हम तो फकीर हैं, जब चाहे झोला उठाकर चल देंगेअगर ट्रांसजेंडरों ने दाढ़ी साफ करवा दी और मोदी का मन अचानक झोला उठाने का हो गया तो खाएंगे क्याक्योंकि दाढ़ी के बिना कोई फकीर नहीं मानता और फकीर माने बिना भीख नहींऔर दुबारा दाढ़ी बढ़ने में भी एक महिना तो लगेगाऔर नकली दाढ़ी का क्या भरोसा;  कब, कहाँ धोखा दे जाए ।   


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