08-10-2026
मे आई हेल्प यू, मोदी जी
( 7 अक्टूबर 2026 को सरोजिनी नगर दिल्ली में गणपति मंदिर में पूजा करते हुए )
आज तोताराम आया तो बहुत व्यग्र था । बोला- मास्टर, हमें मोदी जी की मदद करनी चाहिए ।
हमने कहा- वे तो देश-दुनिया को आत्मनिर्भर बनाते हैं । कभी किसी से मदद नहीं माँगी, बचपन में ही चाय बेचकर अपने माता-पिता की मदद करने लगे । अब भी घोषणा करते हैं- एक अकेला सब पर भारी । 56 इंच का सीना है, पठान के बच्चे हैं, कभी कहीं भी युद्ध बंद करवा देते हैं । चीन को लाल आँख दिखाकर डरा देते हैं ।
अभी कुछ दिनों पहले भारत के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में मोदी जी के जीवन और उनकी सरकार की उपलब्धियों पर आधारित 'नमो सेवा' नाटकों का मंचन किया जा रहा था। वाराणसी में हुए ऐसे ही एक नुक्कड़ नाटक के दौरान एक दृश्य में एक संवाद में एक पात्र कहता है कि जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, तब डर के कारण पाकिस्तान के बाजारों में अचानक डायपर की बिक्री बढ़ गई थी।
अब ऐसे में हम उन्हें पूछेंगे कि ‘मे आई हेल्प यू’ तो अच्छा नहीं लगेगा ।
बोला- लेकिन हमारा भी तो कुछ फर्ज बनता है ।
हमने कहा- वैसे उन्होंने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में अपनी निःस्वार्थ देश सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम ‘सेवा ज्योति’ में घोषणा की है कि 2047 तक भारत को पूरी तरह विकसित बनाने तक न थकूँगा, न रुकूँगा ।
बोला- यह ठीक है कि जब हम दोनों 1961 में मास्टर बन गए थे तब मोदी जी चौथी-पाँचवीं क्लास में पढ़ रहे होंगे इसलिए वे हमें अपने विद्यार्थी जैसे ही लगते हैं फिर भी 76 वर्ष के हो गए हैं । हमारे शास्त्रों में तो वैसे भी यह उम्र सन्यास की उम्र मानी जाती है । संघ के ही नाना जी देशमुख ने सन्यास ले लिया था और मोदी जी ने अपने गुरु आडवाणी जी को विश्राम देने के लिए उन्हें निर्देशक बनाकर बरामदे में बैठा दिया था । उसी तरह हमें भी तो कुछ सोचना चाहिए ।
दशरथ ने तो अपनी कनपटी पर एक सफेद बाल देखकर ही राम को राज्य सौंपने का मन बना लिया था लेकिन मोदी जी के मंत्रिमंडल के उनसे कम उम्र के लोग मजे कर रहे हैं । न शिक्षा मंत्री बच्चों को परीक्षा के बारे में कुछ बता पा रहा है और रेल मंत्री को तो ढंग से झंडी भी दिखानी नहीं आती । उनके आराम के बारे में कोई कुछ नहीं सोच रहा है ।
हमने कहा- मोदी जी पुराने, ब्रह्मचर्य के तेज और बल से युक्त कर्मठ स्वयंसेवक हैं ।अगर सच्चा स्वयंसेवक सेवा करने की ठान लेता है तो किसी का बाप भी उसे रोक नहीं सकता । अब कोई कुछ भी कहे वे माननेे वाले नहीं हैं । वे बिना थके अनंत काल तक सेवा करते रहेंगे ।
बोला- फिर भी हमें उनकी कुछ तो मदद करनी चाहिए । वे तो थक जाएंगे तो भी किसी से मदद नहीं मांगेंगे । और 2047 में तो वे 97 वर्ष के हो जाएंगे । फिर क्या पता 2047 में फिर उनके मन में भारत के लिए विकास की कोई और बड़ी योजना आ जाएगी तो वे उसको लेकर फिर अगले सौ-पचास वर्षों के लिए ‘सेवा का संकल्प’ लेकर पिल पड़ेंगे । फिर गई भैंस पानी में ।
हमने कहा- चाहते तो हम भी हैं मोदी जी की मदद करना लेकिन कुछ समझ में नहीं आता । मोदी जी किसी की कुछ सुनते भी तो नहीं । वैसे हमें चिंता करनी तो नहीं चाहिए । वे विष्णु के अवतार हैं और जैसे विष्णु अनंत काल से इस दुनिया की सेवा करते आ रहे हैं वैसे ही मोदी जी भी करते रहेंगे । वैसे अब तो एक ही उपाय है जो हम मोदी जी मदद करने के लिए कर सकते हैं .।
बोला- क्या ? जल्दी बता ।
हमने कहा- हम रोज मोदी जी के लिए आशीर्वाद का दीया जलाया करें । रोज किसी मंदिर में जाकर किसी देवी-देवता से उनके लिए शक्ति और दृढ़ निश्चय मांगें । मोदी जी भी तो कभी केदारनाथ, तो कभी रामेश्वरम, तो कभी सरोजिनी नगर, दिल्ली के गणपति से शक्ति मांगते हैं ।
बोला- लेकिन ऐसे कार्यक्रमों के लिए तो हर तरफ कम से कम 100-50 कैमरे चाहियें जिससे जनता को अपने कठिन संकल्प और साधना का विश्वा दिलाया जा सके और भगवान को अपनी भक्ति का प्रमाण दिया जा सके क्योंकि आजकल भगवान भी मन और भावना नहीं बल्कि वीडियो माँगता है ।
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