12-08-2026
पी-20
जो बाजार से पैकेट बंद दूध लाते हैं उनके लिए कोई समस्या नहीं है । जैसा प्रभु भेजे वही श्रेष्ठ । वैसे कुछ साहसी और पार्टी को पत्ती देने वाले लोग डेयरी के पैकेट छपवाकर उनमें अपना घर में तैयार किया यूरिया और वाशिंग पाउडर युक्त दूध भी आपको पिला सकते हैं । परिणाम की चिंता क्या करना । भैंस का खालिस दूध पीने वाले ही कौन से 56 इंची हो गए । और फिर आजकल प्रसिद्ध हो रही पुंगनूर गाय का दूध पीने वाले 56 इंची ही कौन ट्रम्प के सामने टेरिफ़ का विरोध कर सकते हैं या रूस से तेल खरीदने का साहस कर सकते हैं ।
जो हम जैसे सुबह सुबह किसी गाय रखने वाले के घर जाकर दूध लाते हैं उन्हें एक बड़ी विचित्र प्रतियोगिता या आँख मिचौनी का सामना करना पड़ता है ।ग्राहक सोचता है कि जल्दी उठकर आँखों के सामने निकलवाकर बिना पानी का दूध ले आऊँ तो दूध वाला सोचता है कि किसी तरह ग्राहक के आने से पहले ही दूध निकाल कर आधा पानी मिलाकर उसका ऑपरेशन कमल कर दूँ मतलब ई डी का डर दिखाकर या करोड़ों का लालच देकर दो तिहाई बहुमत हासिल कर लूँ ।
बार बार असफल होते होते हमने शुद्ध दूध का विचार ही छोड़ दिया । अब जैसा दूध वाला दे जाता है उसी को तिरुपति का प्रसाद मानकर काम में ले लेते हैं । जो चर्बी मिलाएगा उससे बदला भगवान वेंकटेश्वर लेंगे । वैसे राम जी की पादुका चोरी होने के बाद से भगवान और अवतारों की सर्वशक्तिमत्ता पर से हमारा विश्वास उठ गया है ।
आज तोताराम ने कह ही दिया- मास्टर, अगर तेरा चाय पिलाने का मन नहीं है तो साफ साफ बात दे । कोई जरूरी नहीं है औपचारिकता बरतने की । परनिंदा तो बिना चाय के भी की जा सकती है । गालियां तो संसद क्या, लाल किले से भी दी जा सकती हैं । या फोकरा गरम पानी पिलाने से तो अच्छा है एक गिलास ठंडा पानी दे दिया कर ।
हमने कहा- तोताराम, न हमारा मन बदला है और न ही चाय की रेसिपी । अब दूध ही ऐसा आता है तो कोई क्या करे ।
संयोग से उसी समय दूध वाला प्रकट हुआ, बोला- मास्टर जी, आज थोड़ी देर हो गई । आपकी चाय पर चर्चा में विलंब हुआ उसके लिए माफी ।
हमने कहा- तेरी माफी तो वैसे ही है जैसे मोदी जी का पैलेट गन, कील वाली लाठी और करेंट वाले डंडे से घायल बच्चों को माफ कर देना । माफी की बजाय दूध में कुछ सुधार करे तो बात बने । अब देख तोताराम कहता है कि हम उससे पीछा छुड़ाना चाहते हैं इसलिए घटिया चाय पिलाते हैं । कोई स्वाद ही नहीं आता ।
बोला- मास्टर जी, हो सकता है इनका हाजमा और स्वाद ही कुछ गड़बड़ हो । मैं तो शुद्ध ‘पी-20’ दूध लाता हूँ ।
हमने पूछा- यह ‘पी-20’ क्या है ?
बोला- मास्टर जी, वैसे तो आप बहुत जागरूक नागरिक बनते हैं लेकिन ‘पी-20’ का पता नहीं । यह वैसे ही है जैसे शाहजादे का टी-20, मोदी जी का जी-20, गड़बड़करी का ई-20 । पी-20 मतलब अस्सी प्रतिशत दूध और 20 प्रतिशत पानी ।
हमने कहा- टी-20 से क्रिकेट जगत में भारत का रुतबा बढ़ा, जी-20 से मोदी जी ने दुनिया में भारत का डंका बजा दिया और ई-20 से देश तेल के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा ।
इसके बाद अब तक चुप बैठ तोताराम बीच में कूद पड़ा जैसे संसद में मोदी जी जगह ओम बिरला उत्तर दें या रिजिजू अमित शाह का बचाव करे, बोला- लेकिन तेरे दूध में 20 प्रतिशत से ज्यादा पानी है ।
दूधवाला भी कौन सा कम, बोला- तो ई-20 में कौन गारंटी है कि 80 प्रतिशत पेट्रोल होगा ही । अगर 50-50 हो तो आपको क्या पता चलेगा । और पता भी चल गया तो कर क्या लोगे ? नहीं देंगे गड़बड़करी जी कोई जवाब जैसे मोदी जी नही आते संसद में, नहीं करते प्रेस कॉंफरेंस । पर मेरे साथ आप दुनिया भर की तीन पाँच लगाते हो ।
हमने कहा- लेकिन हरदीप पूरी ने कहा था कि ई-20 से पेट्रोल के दाम कम होंगे ।
दूधवाला बोला- तो हुए क्या दाम कम ? एथनॉल बनाने-मिलाने के चक्कर में भारत जो चीनी का निर्यात करता था अब आयात करेगा और आपको चीनी 40 की बजाय मिल रही है 70 रुपये किलो । मुझे तो जो चाहे कह लो लेकिन मोदी जी के सामने आप लोगों की हालत वैसी ही हो जाती यही जैसे ट्रम्प के सामने मोदी जी की । योर एक्सेलेंसी योर एक्सेलेंसी करने लग जाते हो ।
तोताराम बोला- क्या बताएं । मंदिर चन्दा चोरी जैसी हालत हो रही है । बोलें तो पार्टी और हिन्दुत्व को खतरा और ने बोलें तो राम के गुनाहगार ।
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