Mar 7, 2026

मोदी जी अकेले क्या क्या करें ?


मोदी जी अकेले क्या क्या करें ? 

आज तोताराम बहुत परेशान था । आते ही न चाय की बात की और न ही अपने या मोदी जी के मन की बात का कोई जिक्र । 
बोला- मास्टर, मोदी जी अकेले क्या क्या करें ? 
हमने कहा- इसमें गलती मोदी जी की ही है । कोई और कर भी क्या सकता है  ?  और फिर यह तो उन्हें प्रधान मंत्री बनने से पहले सोचना चाहिए था । 

बोला- कर क्यों नहीं सकता । कर तो रहे हैं दिन रात कोशिश । इतने राष्ट्रभक्त संस्कारी लोगों को छाँट छाँटकर मंत्रीमण्डल में रखा है । नहीं मिले तो लेटरल एंट्री के द्वारा जाने कहाँ कहाँ से योग्य व्यक्तियों को पिछले दरवाजे से विभिन्न संस्थानों में बैठा तो दिया है । अब और क्या करें । 

हमने कहा- लेकिन लगता है कोई भी मोदी जी के योग्यता के पैमानों पर खरा नहीं उतरता । तभी तो चाहे रेल को हरी  झंडी दिखाना हो या राफेल की डील करना हो, ए आई पर भाषण देना हो या परीक्षा पर चर्चा करनी हो । न तो शिक्षा मंत्री से कोई मदद मिल पाती है और न ही कोई तकनॉलॉजी मंत्री कुछ कर या कह पाता है । अब ऐसे में हम क्या कर सकते हैं ? भुगतें । दिखाएं ट्रेन को हरी झंडी, करें मंदिरों में आरती , पढ़ाएं कक्षाओं में जाकर । छाँटा तो उन्होंने ही है ना । 

बोला- मैं इन छोटे छोटे मुद्दों की चर्चा नहीं कर रहा हूँ । मैं तो दुनिया में देश की बेइज्ज़ती और बदनामी की बात कर रहा हूँ । 

हमने कहा- दुनिया में मोदी जी का डंका बज तो रहा है । दुनिया के बड़े से बड़े नेता मोदी जी से गले मिलने के लिए तरस रहे हैं । जहाँ जाते हैं वहीं के राष्ट्राध्यक्ष अपने देश का सर्वोच्च सम्मान देने हवाई अड्डे पर ही आ जाते हैं । छप्पन इंची सीना  पदकों से दोनों तरफ से भर गया है, पदक लगाने के लिए जगह ही नहीं बची है ।  लाखों लोग हवाई जहाज से उतरने से पहले ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने लग जाते हैं । औरतें उनके ग्लो को देखकर विह्वल हो जाती हैं, उनको छूकर धन्य हो जाती हैं । और क्या चाहिए । 

बोला- यह तो ठीक है लेकिन ये कांग्रेस वाले वाले देश और मोदी जी की छवि बिगाड़ने के लिए आजादी के पहले से लगे हुए हैं । इसका क्या किया जाए ? 

हमने कहा- मोदी जी का तो जन्म ही 1950 में हुआ है तो आजादी के पहले की बिगड़ी हुई छवि के लिए मोदी जी कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं । 2014 के बाद से मोदी जी की जिम्मेदारी है । सो लगे तो हुए हैं देश की छवि सुधारने में । तभी तो चौबीसों घंटे न सोते हैं , न सोने देते हैं । संसद से शौचालय तक अपने सुंदर फ़ोटो, सेल्फ़ी पॉइंट बना तो दिए । जहाँ देखो वहाँ खंभ में राम, खड्ग में राम की तरह सब जगह मोदी जी ही मोदी जी । राम मंदिर तक में राम से पहले मोदी जी । अब तो 5 किलो राशन के अनाज के दानों पर नाम लिखवाना बाकी रह गया है । 

ओबामा को 15 लाख का सूट पहनकर चाय पिला तो दी । ह्यूस्टन में भारत मूल के सवर्ण हिंदुओं का पैसा खर्च करके ‘हाऊ डी मोदी’ और अहमदाबाद में हमारा टेक्स  का पैसा खर्च करके ‘नमस्ते ट्रम्प’ करवा तो दिया । और क्या क्या करें ? 

बोला- अकेले मोदी जी क्या करें । मोदी जी का काता कूता ये कांग्रेस वाले कपास कर देते हैं । पहले वह महात्मा गाँधी ! एक छोटी सी धोती पहनकर चला गया इरविन से मिलने । करवा दिया देश की इज्जत का कचरा । आज तक वहाँ के सभ्य लोग उसे अधनंगे फकीर के नाम से जानते हैं । फिर तुम्हारा या केजरीवाल । याद है कैसे 200 रुपये के सेंडल पहनकर फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद के साथ फ़ोटो खिंचवाने पहुँच गया था राष्ट्रपति भवन और करवा दिया था कि नहीं देश और मोदी जी की इज्जत का कबाड़ा । और फिर यह राहुल गाँधी एक टी शर्ट में घूमता फिर रहा था भारत जोड़ो के नाम पर देश का फजीता करवाता । तभी तो इसे पुतिन से मिलने नहीं दिया गया । लेकिन ये मानते कहाँ है ? 

अब देश की इज्जत बढ़ाने के लिए बड़ी मुश्किल से ए आई पर सम्मिट करवाईजाने कहाँ कहाँ के विशेषज्ञ और सी ई ओ बुलाए तो कांग्रेस ने कुछ बदमाशों को भेजकर शर्ट लेस प्रदर्शन करवा दिया । क्या समझें होंगे लोग कि इस देश के युवाओं के पास कमीज तक नहीं है । क्या मोदी जी और शाह जी की तरह  ‘बार बाला’  ‘जर्सी गाय, ‘50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड’, ‘साले’ जैसे शालीनलोकतान्त्रिक शब्दों से विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते थे ? 

 




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Mar 3, 2026

किसे सुनाएँ हाल

2026-03-03  

 किसे सुनाएँ हाल 


खेले  रंग गुलाल भगत जी 

चरे मुफ़्त का माल भगत जी 


बंदर को उस्तरा दे दिया  

हुआ हाल बेहाल भगत जी 


साबुन पानी नहीं लगाता 

सीधा छीले खाल भगत जी 


काम धाम कुछ नहीं जानता  

सिर्फ बजाए गाल भगत जी 


अमरीका की धुन पर नाचे 

नहीं कोई सुर ताल भगत जी 


अपने मन की कहता रहता  

किसे  सुनाएँ हाल भगत जी 


 

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Mar 1, 2026

सब उत्सव हुड़दंग


2026-03-01       

सब उत्सव हुड़दंग 


सब उत्सव हुड़दंग भगत जी 

पड़ी कुएं में भंग भगत जी 


बच्चे शर्ट उतारें चिढ़ता  

खुद है नंग धड़ंग भगत जी 


दिन में दस-दस रंग बदलता  

पर सारे बदरंग भगत जी 


उछल उछलकर ताली पीटें 

सारे नकटे नंग भगत जी 


जैसा मौका वैसा चोला 

सारे गिरगिट दंग भगत जी 


चोरी का मतला पढ़ता है 

मगर काफिये तंग भगत जी 


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Dec 28, 2025


एक कुण्डलिया :

राजनीति के रंग 

( 25 दिसंबर 2025 को नेता और भक्तों के आचरण )



पी. एम. प्रेयर चर्च में, भक्त मॉल  हुड़दंग 
बहुत कठिन है समझना राजनीति के रंग 
राजनीति के रंग, संग सँग दूध खटाई 
देखें कब तक निभ पाते ये नाटक भाई 
कह जोशी कवि जब तक तुम चेतोगे भैय्या 
तब तक रंगा बिल्ला डुबा चुकेंगे नैय्या 

-26 दिसंबर 2025 


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