Jul 27, 2026

19-07-2026 मोदी जी का गुपचुप मीगा


19-07-2026 

मोदी जी का गुपचुप 'मीगा'  




हमने कहा- तोताराम, आजकल हमें मोदी जी को लेकर बहुत चिंता हो रही है । 


बोला- चिंता करने की कोई बात नहीं है। मोदी जी बाल ब्रह्मचारी, संयमी, शांतचित्त, ऋषि हैं । अवतारी हैं, अनादि हैं, अनंत हैं । जब तक चाहेंगे इस देश-दुनिया की सेवा करेंगे और फिर अपनी माया समेटकर अपने लोक को चले जाएंगे । 

हमने कहा- हमें उनकी क्षमताओं पर कोई संदेह नहीं है लेकिन आजकल जिस तरह ट्रम्प जैसे लफंगे लोग उन्हें गरिया रहे हैं, मजाक बना रहे हैं, कभी भी उनका करियर खराब करने की धमकी दे रहे हैं, जब जितना चाहे टेरिफ़ लगाकर मोदी जी को टेरिफाइ कर रहे हैं, जब चाहे युद्ध विराम करवाने का जुमला फेंककर मोदी जी को लज्जित कर रहे हैं, कभी ईरान या रूस से तेल नहीं खरीदने का आदेश देकर उन्हें अपनी औकात दिखा रहे हैं, उसी से हमें चिंता हो रही है । कहाँ तो 56 इंची छाती वाला पठान का बच्चा, कुर्सी को तुच्छ समझने वाला, कभी भी झोला उठाकर लेकर चल देने की घोषणा करने वाला मस्तमौला फकीर और कहाँ यह बेइज्जती, यह तमाशा ! 


बोला- आज मोदी जी को चुपचाप डरा हुआ सा देखकर कुछ भी उल्टा-सीधा समझने की जरूरत नहीं है । इनकी चुप्पी को कायरपन मत समझ । कभी कभी महान लोगों को कूटनीति के तहत इसी तरह दिखाना पड़ता है । हो सकता है जिसे कमजोर समझकर लोग लतिया रहे हों गली का वह मरियल सा खजुहा कुत्ता कोई बहुत खतरनाक जासूसी कुत्ता हो, किसी गुप्तचर एजेंसी का हैड हो जो वेश बदलकर किसी बड़े और सीक्रेट मिशन पर हो । 


हमने कहा- ऐसा तो नहीं है । मोदी जी जब चाहे बहुत ऊंची ऊंची फेंकते हैं । 24 जून 2023 को वाशिंगटन में कैनेडी सेंटर में बोलते हुए कहा था कि आज भारत में हर साल एक नई IIT और एक नया IIM बन रहा है। हर सप्ताह एक नई यूनिवर्सिटी बन रही है। हर दो दिन में एक नया कॉलेज बन रहा है। हर दिन एक नई आईटीआई की स्थापना हो रही है। जबकि हमें तो ऐसा कुछ होता-हवाता दिख नहीं रहा है । पिछले दस सालों में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल जरूर बंद हो गए । 


बोला- वास्तव में खुल तो रहे इससे कई गुना ज्यादा है लेकिन मोदी जी दुनिया को सच बता  नहीं रहे हैं । पत्रकारों को कहीं कोई जगह खाली खेत दिखाई दे रहे हैं जबकि वहाँ गुप्त रूप से विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं । वैसे ही जैसे कलाम साहब ने अमेरिका को धोखा देकर पोकरण में गुप्त रूप से परमाणु विस्फोट किया था । 

 

ट्रम्प दुनिया में हल्ला मचा रहा है- ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ लेकिन हो कुछ नहीं रहा है । मोदी जी किसीको को बताते नहीं हैं। गुपचुप काम कर रहे हैं । दुनिया को दिखाने के लिए बावले बने हुए हैं। लोग समझते हैं कायर हैं, किसी फ़ाइल से डरे हुए हैं । पर्ची देखकर योर एक्सीलेंसी बोल रहे हैं । बहुत सी बातों में चुप लगा जाते हैं । सब गुप्त योजना है । 


 वैसे तो इंडिया आल रेडी ग्रेट है फिर भी किसी एक दिन विस्फोट कर देंगे । दुनिया को भारत की प्रगति दिखाकर चमत्कृत कर देंगे । यह देखो ग्रेटेस्ट भारत । अमेरिका से भी ग्रेट । वैसे ही जैसे इधर-उधर से सांसद और विधायक जुगाड़कर कर भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बना रहे हैं । 

आज का अखबार पढ़ा ?


हमने पूछा- उसमें क्या है ? वांगचुक को उठवा लिया । 


बोला- और कुछ भी तो है । विकास का गुजरात मॉडल । दाहोद में 25 घंटे में बैंक खड़ा कर दिया । 

हमने कहा- वास्तव में नहीं । यह तो वहाँ के कुछ ठगों ने एक ज्वेलर से सोने का एक बिस्किट खरीदने के नाम पर उसे दिखाने के लिए वैसे ही एक बैंक का एक सेट अप खड़ा कर दिया था । ऐसे तो गुजरात में कुछ लोगों ने ऐसे ही राजमार्ग पर अवैध टोल बूथ भी चला रखा था ।

 

बोला- लेकिन इससे मोदी के वाइब्रेन्ट गुजरात की क्षमता का तो पता चलता ही है ।क्षमता तो क्षमता है । किसी भी तरह की हो सकती है । 


हमने कहा- फिर तो भारत पर 60 सालों में हुए  55 लाख करोड़ कर्ज का मोदी जी के 12 सालों में बढ़कर 255 लाख करोड़ हो जाना भी विकास है ?


बोला- बिल्कुल । अमेरिका की जीडीपी है 31 ट्रिलियन और कर्ज है 39 ट्रिलियन । अभी भारत की जीडीपी है 5 ट्रिलियन और कर्ज 2.5 ट्रिलियन । एक बार कर्ज 40 ट्रिलियन हो जाने दे उसके बाद जीडीपी भी बढ़ आएगी ।

 

हमने कहा- जीडीपी का तो पता नहीं लेकिन कर्ज जरूर बढ़ता जा रहा है ।


बोला- कर्ज भी जिसकी कोई साख होती है उसी को मिलता है । तुझे बैंक अब पेंशन पर एडवांस नहीं देता और अंबानी अदानी का लाखों करोड़ कर्ज माफ कर दिया जाता है और लाखों करोड़ कर्ज दे दिया जाता है ।  

तुझे ये बड़ी बातें समझ  नहीं आएंगी । चल चाय बनवा । 



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27-07-2026 जाहिल, ज़ालिम, जल-जिहादी जुनैद बनाम जोशी


27-07-2026 


जाहिल, ज़ालिम, जल-जिहादी जुनैद बनाम जोशी 


आज जैसे ही तोताराम आकर बैठने को हुआ तो हमने कहा- क्या कोई जरूरी काम है, तोताराम ? 


बोला- वही जरूरी काम जो रोजाना होता है । आना, मन की बात करना, चाय पीना और चले जाना । क्या यह कोई काम नहीं है ? अरे यह दुनिया है ही क्या ? दर्शन मेला ही तो है, मिलन-जुलना ही तो है । कोई न कुछ साथ लेकर आता है और न कुछ साथ लेकर जाता है । यहीं सब कुछ लुटाना है ।सबसे प्रेम से मिलते रहो । तभी तो तुलसी बाबा कहते हैं- 

तुलसी या संसार में सबसे मिलियो धाय । 

ना जाने किस देस से पुरस्कार मिल जाय ॥ 

यदि मोदी जी घर बैठे रहें तो पुरस्कार कैसे मिलें ? दुनिया में भारत का डंका कैसे बजे ?


हमने कहा- मोदी जी की बात अलग है। वे तो नेहरू जी से भी अधिक समय तक देश की सेवा करने वाले, दारासिंह से भी तीन इंच अधिक 56 इंची छाती वाले, दुनिया में सबसे अधिक देशों के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित प्रधानमंत्री हैं । 2047 का एजेंडा घोषित कर ही चुके हैं । आगे भी जब तक आवश्यक होगा सेवा करते ही रहेंगे क्योंकि वे अवतारी है जिन पर सन्यास जैसे लौकिक नियम लागू नहीं होते । 

 

लेकिन हम तो सामान्य आदमी हैं और ज़माना खराब है इसलिए हम चाहते हैं कि अब तुम यहाँ न ही आओ तो ठीक है । 


बोला- मैं तो नेहरू जी के जमाने से यहाँ आता और चाय पीता रहा हूँ । अब क्या हो गया ? 


हमने कहा- तब की बात और थी । अब योगी जी और मोदी जी हैं । न खाते हैं, न खाने देते हैं । कोई भी अपराध चाहे वह आर्थिक हो या सामाजिक या धार्मिक या फिर जिहादी; बच नहीं सकता । अभी गाजियाबाद के पास के एक जिहादी से पूछताछ चल रही है ।  


मोबाइल की एक छोटी-मोटी दुकान चलाने वाला है कोई । जंतर-मंतर पर कॉकरोचों को मुफ़्त खाना-पानी उपलब्ध करवा रहा था । कहाँ से आ रहा था इतना पैसा ? जरूर कोई आर्थिक अपराध हो रहा था सो धर लिया पूछताछ के लिए योगी की पुलिस ने । अब कल को भजन लाल की पुलिस मुझे धर ले और पूछे कि इस महँगाई में जहां लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है वहाँ तू रोज कहाँ से चाय, पकौड़ी का भंडारा लगा रहा है ? तुझे तो काँवड़ियों की सेवा करने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से कोई ग्रांट भी नहीं मिल रही है । 


बोला- कहीं तू जुनैद की बात तो नहीं कर रहा ? वह तो अपनी वेशभूषा से ही पहचाना जा सकता है । ये लोग जब मौका मिलता है तरह तरह के जिहाद करते रहते हैं । पहले लव जिहाद, यू पी एस सी जिहाद, फिर वैष्णोदेवी में मेडिकल जिहाद और अब यह जल जिहाद । हमारे यहाँ तो पानी पीने से पहले जात पूछी जाती है और यह जात क्या, पानी पिलाकर संस्कारी हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट कर रहा है ।ये मुसलमान, ईसाई लोग ऐसे ही लोगों की मदद के बहाने धर्म परिवर्तन करवाते हैं । 

हमने कहा- एक दूसरे की मदद करना तो इंसानियत है । और अगर इससे ही धर्म परिवर्तन होता है तो हिंदुओं को भी चाहिए कि दुनिया के सभी जरूरतमंदों की मदद करके उन्हें हिन्दू बना लें । 


बोला- इसका काम तो बहुत ही खतरनाक था । यह जाहिल, ज़ालिम, जल-जिहादी जुनैद तो मोदी जी को उनके प्रिय और प्रधान धर्म (धर्मेन्द्र प्रधान) से अलग करने के लिए आंदोलन करने वालों को खाना खिला रहा था । कितना बड़ा अपराध कर रहा था ।अरे, जब धर्म ही नहीं रहेगा तो कौन मोदी जी की रक्षा करेगा ? जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है । धर्म के इन्द्र ने ही तो पेट्रोलियम मंत्री रहते हुए संघ के आनुषंगिक संगठनों को ओएनजीसी से 688 करोड़ का चन्दा दिलवाया था । 


हमने कहा- तो अब मोदी जी क्या करेंगे ? बिना धर्म-धन के कैसे काम चलेगा ?


बोला- मोदी जी का भी कोई जवाब नहीं हैं । तेरे जैसे डरपोक जोशी से तो कुछ होना हवाना नहीं । अब वे एक असली ‘जोशी’ को लाए हैं ।

प्रह्लाद जोशी । पिछले जन्म में इन्हीं को हिरण्यकश्यप की पार्टी में ऑपरेशन लोटस करके भाजपा में लाया गया था । ‘जुनैद’ का इलाज करने के लिए ‘जोशी’ । जैसे कंस को  निबटाने के लिए कृष्ण और गांधी को निबटाने के लिए गोडसे । ज्योतिष में माना जाता है कि एक राशि वालों की कभी बनती नहीं ।


हमने कहा- फिर भी हम रिस्क नहीं लेना चाहते । हम कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो हैं नहीं जो हजारों करोड़ चन्दा इकट्ठा करके भी न रजिस्ट्रेशन, न हिसाब दें, न ऑडिट करवाएं । 

 

बोला- अगर तुझे ज्यादा ही डर लग रहा है तो कल से भगवा गमछा गले में डाल लिया कर और जनेऊ कुर्ते के ऊपर पहनना शुरू कर दे । 



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Jul 16, 2026

16-07-2026 संस्कारी हत्यारे


16-07-2026 

संस्कारी हत्यारे   




आज तोताराम ने बहुत उत्साहित होकर खबर दी कि दारा सिंह की अच्छे आचरण के कारण जेल से रिहाई की सिफारिश की गई है । 

हमने कहा- दारा सिंह जी को तो मरे हुए ही कोई दस बारह साल हो गए होंगे । अब किस रिहाई की सिफारिश ?  और फिर वे तो बहुत भले आदमी थे । बड़े पहलवान थे जिन्होंने कोई 500 कुश्तियाँ लड़ीं लेकिन एक में भी नहीं हारे   

बोला- यह दारा सिंह भी कम प्रसिद्ध नहीं है ।उस दारा सिंह ने रामायण सीरियल में हनुमान का काम किया । बहुत से राक्षसों का संहार किया और रावण की लंका को जला दिया था तो इसने भी धर्म की रक्षा के लिए बहुत बड़ा काम किया । इतिहास में धर्म की रक्षा के लिए बहुत से लोगों ने अपने प्राण दिए हैं । कृष्ण गीता में कहते हैं कि जब जब धर्म पर संकट आता है तो मैं धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेता हूँ । जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है । तभी तो धर्मपरायण सरकार धर्म की रक्षा करने वालों पर कृपालु है । 

हमने कहा- अभी तक तो हमने एक ही दारा सिंह का नाम सुना था । यह दूसरा दारा सिंह कहाँ से आगया ?

बोला- बस !  बड़ा संपादक-लेखक बना फिरता है । दारा सिंह के बारे में नहीं जानता । यह वही हिन्दू-हृदय-सम्राट है जिसने ओडिशा में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाकर भारत को एक ईसाई राष्ट्र बनाने के एक आस्ट्रेलियाई पादरी के षड्यन्त्र को विफल कर दिया था । 

हमने कहा- हाँ, कुछ याद आ रहा है । यह कहीं वह दुष्ट, निर्दय दारा सिंह तो नहीं जिसने ओडिशा के क्योंझार जिले में कुष्ठ रोगियों का एक आश्रम चलाने वाले ग्राहम स्टेंस को उसके दो बेटों सहित जिंदा जला दिया था ? वह तो बहुत पुरानी बात हो गई । क्या वह अभी तक जिंदा है ? दुष्ट लोग मरते भी बहुत मुश्किल से हैं । 

बोला- दुष्ट कैसे ? अगर वह दुष्ट होता तो क्या ओडिशा राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ‘अच्छे आचरण’ के आधार पर उसकी जेल से रिहाई की सिफारिश करता ?

हमने कहा- ऐसी सिफारिश करने वाले बोर्डों की बात छोड़ । आज जब न्यायालय, चुनाव आयोग, पुलिस, परीक्षक, डॉक्टर सब संदेह के घेरे में हैं तो इस बोर्ड की क्या बिसात । सिफारिश पर तो 2022 आजादी के अमृत महोत्सव के शुभ अवसर पर गुजरात दंगों में बिलकीस बानो के बलात्कारियों, हत्यारों की रिहाई की भी की गई । उन्हें संस्कारी बताया गया था । बलात्कारियों की पत्नियों तक ने उनकी आरती उतारी थी ।

ऐसे ही होते हैं संस्कारी ? यह कैसा अमृत महोत्सव था ? कैसे अमरत्व की अवधारणा है यह । 


जब आँखों पर धार्मिक कट्टरता का पर्दा पड़ जाता है तो बुरे से बुरा काम भी धर्म का पुण्य काम लगने लग जाता है । सबसे अधिक बुरे काम आदमी सबसे अधिक उत्साह से धर्म के नाम पर ही करता है । अगर वे सामान्य बलात्कारी होते तो उनकी पत्नियाँ उन्हें कभी माफ नहीं करती । पर वे समझ रही थीं कि हमारे पतियों ने कुकर्म धर्म की रक्षा के लिए किया था । अरे, अभी कुछ दिनों पहले दिल्ली के त्रिनगर इलाके में कुछ हिंदुओं ने मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए सूअर पाल लिए और सूअरों को वराह भगवान बताकर धन्य हो रहे थे ।

बोला- लेकिन पहले वह मदर टेरेसा भी तो सेवा के बहाने कुष्ठ रोगियों को ईसाई बना रही थी और अब वह ग्राहम स्टेंस । 

हमने कहा-  तब तो बहुत आसान काम है । अब तो मोदी जी, भागवत जी, योगी जी, अनुराग ठाकुर, धामी, हेमंत बिस्वा, सुवेन्दु अधिकारी जैसे सच्चे हिन्दू नेताओं के हाथ में है देश । सभी साधन-सुविधा भी जुटा देंगे । तुम एक ऐसा दल बनाओ जो दुनिया के विभिन्न देशों में जाए और वहाँ के ईसाई कुष्ठ रोगियों की सेवा करे और उन सबको हिन्दू बना ले । हम अपनी एक महिने की पेंशन इस पुण्य काम के लिए देने का अभी से संकल्प लेते हैं । और उसके बाद भी पाँच हजार रुपये महिना देते रहेंगे ।  

बोला- मास्टर, यह तो बहुत खतरे का काम है । 

हमने कहा- तो फिर ? 

गाँधी जी के समय में एक थे परचुरे शास्त्री जिन्हें कुष्ठ होगया था । उनके घर वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया था । गाँधी जी उन्हें अपने आश्रम में ले आये और उनके घाव धोने से लेकर अन्य सभी सेवाएं करते थे । हिन्दुत्व का ठेकेदार बना महाराष्ट्र का कोई चितपावन ब्राह्मण उस समय आगे नहीं आया परचुरे शास्त्री की सेवा करने के लिए जबकि वे तो एक विद्वान, हिन्दू और उनकी जाति-गोत्र के थे । ऐसे में एक विदेशी ईसाई पादरी द्वारा ओडिशा के कुष्ठ पीड़ित आदिवासियों की सेवा करने का एक संस्कारी हिन्दू द्वारा यह पुरस्कार ! !  

‘गोली मारो सालों को’ नारे लगाना आसान है, ग्राहम स्टेंस को जला देना आसान है, गुजरात के दंगों में बजरंग बली का नाम बदनाम करने वाले बाबू भाई पटेल उर्फ  ‘बाबू बजरंगी’ की तरह लगभग एक सौ लोगों की निर्मम हत्या कर देना आसान है क्योंकि सत्ता तुम्हारे साथ है लेकिन सेवा ! 

कबीर कहते हैं-

कथनी मीठी खाँड सी करनी बिस की लोय 

कथनी तज करनी करे तो बिस अमरित होय ।। 

कोरोना काल में देखा नहीं ? कैसे लोगों ने अपने परिजनों के शव लेने से इनकार कर दिया था और भोपाल के अग्निशमन विभाग के दो मुसलमान कर्मचारी उनके अंतिम संस्कार कर रहे थे । और अभी मोहर्रम के दिन का ही वाकया है जब  केन्सर के एक मृत रोगी नारायणन का शव उसके घर वालों ने लेने से मना कर दिया तो कासरगोड की इरफाना हबीब ने  उसका अंतिम संस्कार करवाया । उसकी भी वहाँ के कुछ दुष्ट लोगों ने आलोचना की । 

सेवा में षड्यन्त्र देखना संसार की सबसे बड़ी नीचता है । 


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16-07-2026 कोक्रोच : एक रुबाई ​

​16-07-2026 

कोक्रोच : एक रुबाई   ​



 न तो इस लिंक में पाया न तो उस लिंक में पाया 

न तो पाया उसे भगवा में ना तो पिंक में पाया 

मसीहा विश्वगुरु बलवान जिसको हम समझते थे  

उसे कॉक्रोच जैसा सेठ जी के सिंक में पाया 


 





 


  



 

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