Nov 5, 2026

03-11-2026 देशप्रेम की दाल फ्राई


03-10-2026  

देशप्रेम की दाल फ्राई  

 

 

 

पहले जैसे राजस्थान, विशेषकर शेखावाटी के लोग जब भी गाँव से लोटा-डोरी लेकर निकलते थे तो सीधे कलकत्ता-मुंबई जाकर रुकते थे वैसे ही आजकल मध्यम वर्ग के पढ़े लिखे नौकरीपेशा आईटी प्रोफेशनल के रिटायर्ड माता पिता जब घर से निकलते है तो सीधे  बंगलुरु पहुंचते हैं । या ईडी के छापे से डरे हुए जनसेवक भाजपा के दफ्तर में पहुंचकर पाक-साफ हो जाते हैं । बस, समझिए इसी ट्रेंड के तहत हम आजकल बंगलुरु में हैं ।  

इस कारण तोताराम से वैसे सत्संग नहीं हो पाता है जैसे बरामदे में बैठकर होता था फिर भी हम तोताराम से वैसे ही जुड़ जाते हैं जैसे मोदी जी ट्रम्प से हॉट लाइन से जुड़ जाते हैं और उनसे तत्काल नई ट्रेड डील, टेरिफ़, तेल खरीदने आदि के बारे नवीनतम आदेश ले लेते हैं या  जैसे मुख्यमंत्री ‘’मन की बात सुनते हुए फ़ोटो अपलोड करके मोदी जी को अपनी मोदी- भक्ति का प्रमाण भेज देते हैं । 

हमारे पास बीएसएनएल का डेढ़ हजार वार्षिक वाला प्लान है । घर में रहते हुए तो सत्संग में कोई बाधा नहीं आती क्योंकि वाई फ़ाई है लेकिन जब बाहर निकलते हैं तो नेटवर्क नहीं मिलता । मिलता है तो कुछ कुछ वैसा ही मिलता है जैसे डीए । साल भर यू ट्यूब पर वीडियो बनाने वालों के ‘केन्द्रीय कर्मचारियों की हुई बल्ले-बल्ले’ के वीडियो देख-देखकर कहीं राम-राम करके 2 परसेंट डीए के दर्शन होते हैं । और तब तक महंगाई 5 परसेंट बढ़ चुकी होती है ।  

आज सुबह सुबह जब घूमने गए तो मन किया सत्संग हो जाए लेकिन नेटवर्क नदारद । हमारे आवासीय परिसर के एक ब्लॉक के कोने पर कभी कभी नेटवर्क मिल जाता है सो वहीं जाकर कोशिश की लेकिन वैसे ही सफलता नहीं मिली जैसे कि बार बार पेपर लीक हो जाने से युवाओं की आयु सीमा निकल जाती है ।  

जब तोताराम को यह समस्या बताई तो बोला- नेट वर्क बदल ले जैसे कि दाढ़ी में तिनके वाला अपराधी नेता पार्टी बदलकर राष्ट्रवादी वाशिंग मशीन में छलांग लगा लेता है ।मोदी जी वाला प्लान ले ले ।  

हमने पूछा- तो क्या मोदी जी ने कोई टेलीकॉम कंपनी खोल ली है ?  

बोला- वे फकीर हैं । इन चक्करों में नहीं पड़ते लेकिन जियो वाला प्लान ले ले । वह रक तरह से उन्हीं का तो है ।  

हमने कहा- झूठ । वह तो अंबानी का है ।  

बोला- सबके साथ से सब का विकास होता है । उन्हीं का समझ । तभी तो शुभारंभ में विज्ञापन में मोदी जी की नीली जैकेट पहने हुए फ़ोटो नहीं छापी थी ?  

हमने कहा- ठीक है, देखेंगे लेकिन जब तक दाल फ्राई समाप्त न हो जाए यह संभव नहीं ।  

बोला- क्या ? सुबह घूमते-घूमते दाल फ्राई खा रहा है ? यह कौनसा समय है ? यह ठीक है कि आजकल लोग पार्टियों में प्लेट में खाना लिए-लिए खड़े-खड़े  खाते रहते हैं लेकिन सुबह सुबह हम दाल फ्राई खाते खाते कौन घूमता है ? 

हमने कहा- राष्ट्रवादी लोगों ने तो कॉकरोचों को प्रतीक बनाकर दशहरे पर पुतला बनाकर रावण के साथ फूँक भी दिया और तू है कि इतने से प्रतीक को नहीं समझता । कैसा हिन्दी का मास्टर हैं ।  

बोला- तो तू समझा दे ।    

हमने कहा- हमारे बीएसएनएल वाले प्लान की वेलिडिटी अप्रैल 2027 तक है ।  उससे पहले चेंज करने पर यह छह महीने का 750/- रुपये का नुकसान कौन भरेगा ? 

बोला- तो क्या मात्र साढ़े सात सौ रुपये की इस दाल फ्राई के पीछे राष्ट्र हित को दांव पर लगा देगा ?  अगर पैसे के चक्कर में बासी दाल फ्राई खाकर दस्त लग गए तो जाने कितने साढ़े सात सौ निकल जाएंगे ।  

अगर गलत पति मिल गया तो पत्नी को छोड़कर भाग जाने वाले पति की तरह पत्नी को भी उस निखट्टू से पीछा छुड़ा लेना चाहिए । अगर गलत सरकार चुन भी ली तो कोई बात नहीं लेकिन उसके लिए करवा चौथ का व्रत रखने की कोई जरूरत नहीं है । दोपहर में ही रात की ठंडी रोटी ही सही, खाकर व्रत भंग कर देने में ही फायदा है ।  

इसे अर्थशास्त्र sunk cost fallacy  कहते हैं । अगर कोई गलत निर्णय ले लिया गया है तो उस पर हुए खर्च की चिंता में उसे ढोते रहने की बजाय उससे पीछा छुड़ाने में ही समझदारी है ।  

 


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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

Oct 30, 2026

30-10-2026 मोदी का डंका और बैंकों की लंका

30-10-2026  

मोदी का डंका और बैंकों की लंका  

 

 

 

 

आज तोताराम जैसे ही चाय पीकर जाने लगा, हमने कहा- तोताराम, आज दसेक बजे आ जाना । बैंक चलेंगे ।  

बोला- पेंशन महिने के अंतिम दिन क्रेडिट होती है । 1 नवंबर को रविवार है । सो 2 नवंबर सोमवार को चलेंगे । और फिर आज तेरे खाते में होगा भी क्या ? मिनिमम बेलेन्स से दो चार हजार रुपये ज्यादा पड़े होंगे ।  वे भी अगर निकाल लिए तो पूरे एक महिने के ब्याज के तीन चार रुपये कट जाएंगे । मोदी जी के राज में इतनी पोल नहीं है । उन्होंने बहुत पहले ही जनता के धन की चौकीदारी की घोषणा कर दी थी । वे पठान के बच्चे, 56 इंच की छाती वाले और एक अकेले सब पर भारी हैं ।  

हमने कहा- हमें पता है कि पेंशन 2 नवंबर से पहले नहीं मिलेगी और महिना पूरा होने में एक दिन भी कम होने पर पूरे महिने  का ब्याज कट जाता है । लेकिन हम अपना मिनिमम बेलेन्स से ऊपर का एक एक पैसा निकाल लेना चाहते हैं । ज़माना बहुत खराब है ।  

बोला- ठीक है ज़माना बहुत खराब है, सत्ता और सत्ता के बहाने मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री की इमेज बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये विज्ञापन पर और मंदिरों के कॉरीडोर के बहाने हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए लाखों करोड़ रुपए बहाए जा रहे हैं । यह भी सच है कि बहुत से मोदी और अन्य घोटालिए सत्ता के संरक्षण में हजारों करोड़ ले भागे हैं । लेकिन ज़माना इतना भी खराब नहीं आया है कि कोई पेंशनरों के बीस तीस हजार लेकर भाग जाएगा ।  

 

हमने कहा- पहले रिजर्व बैंक के अलावा सभी बैंक प्राइवेट ही हुआ करते थे । तब कई बैंकों के मालिक बैंक का दिवाला निकाल कर साधारण लोगों के लाखों, करोड़ों रुपये हजम कर जाया करते थे । उन बैंकों से कर्ज भी सेठों और उनके लोगों को ही मिला करते थे । और वह भी खाली गोदाम पर बैंक का ताला लगाकर ।  

बैंक फेल करके सामान्य लोगों के साथ धोखाधड़ी न की जा सके और बैंकों से सामान्य लोगों को भी कर्ज मिल सके इसलिए इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था । लेकिन अब सरकर की मिलीभगत से साधारण लोगों के खातों में भी सेंध लगाई जा रही है ।  

बोला- मोदी जी और योगी के चलते ऐसा कुछ नहीं हो सकता ।  

हमने कहा- सबके साथ से ही सब का विकास होता है जैसे कि अदानी अंबानी और मोदी जी का हो रहा है । या जैसे योगी जी ने  तीस हजार करोड़ का जेवर  बनवाया और फकीर मोदी जी को पहना दिया । अब उन्हीं योगी जी के राज में  नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक की के शाखा से उन लोगों का फिक्स्ड अकाउंट में रखा 35 करोड़ रुपया गायब हो गया है जिनकी ज़मीनों का जेवर के लिए अधिग्रहण किया गया था ।  

अब देखते हैं किन किन अज्ञात अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलता है ।  

इनका भी वही होगा जो राममंदिर, विश्वनाथ मंदिर, केदारनाथ मंदिर में चोरी करने वालों का हुआ ।  

राँडें ऐसे ही रोती रहेंगी और पाहुणे जीमकर चले जाएंगे जैसे माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसे, ललित मोदी, एबीजी शिपयार्ड का ऋषि अग्रवाल, यश बैंक का राणा कपूर, पीएमसी बैंक के अधिकारी आदि ।   

ऐसे ही मोदी का डंका और बैंकों का बाजा बजता रहेगा । ॐ योगी  फकीराय च नमः ।  

 

 



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