Aug 13, 2026

1 अगस्त 2026 मोदी जी का क्षमावणी पर्व

1 अगस्त 2026  

मोदी जी का क्षमावणी पर्व  

 

 

 

आज तोताराम ने आते ही  कहा- चाय बाद में पियेंगे, पहले क्षमावणी मना लेते हैं ।  

हमने कहा- पहली बात तो क्षमावणी कोई उत्सव और प्रदर्शन या रोड शो नहीँ है जिसका नाटक किया जाएयह तो आत्मशुद्धि की स्वप्रेरित प्रक्रिया हैपापों के प्रायश्चित की मानसिक पद्धति ।  यह ठीक है कि इस समय जैनियों का चतुर्मास चल रहा है लेकिन क्षमावणी वे जब चाहे नहीं मनातेदिगम्बर अश्विन कृष्ण प्रतिपदा को मनाते हैं  तो श्वेताम्बर इसे पर्यूषण पर्व के आठवें दिन मनाते हैंये दोनों ही दिन अभी तो दूर हैंजल्दी क्या है ? यथासमय मना लेंगे ।  

बोला- तेरे कहने से क्या होता हैमोदी जी ने क्षमावणी घोषित कर दी है ।  

हमने कहा- हमने रात आठ बजे तक के समाचार तो सुने थेउनमें तो ऐसा कुछ नहीं थामोदी जी को कुछ भी लोकहित का काम करना होता है तो वे अचानक रात को आठ बजे ही करते हैं जैसे लॉक डाउन या नोट बंदी ।  

बोला- क्या किया जाए अबकी बार मामला  जेन जी से फँसा है ।   

हमने पूछा- यह कौन नए जैन साहब हैं जिनसे मोदी जी का मामला  फँसा हैकुछ साल पहले तो एकचौकसे भाई’  हुआ करते थेचौकसे भी जैन ही होते हैं लेकिन वे तो दस-बीस हजार करोड़ लेकर नीरव मोदी, ललित मोदी, माल्या की तरह विदेश में मजे कर रहे हैंक्या भारत लौट आए ? 

बोला- नहींये तो कॉकरोच हैं ।15-20-25 साल के लफंडर ।  न काम, न कोई जिम्मेदारी । आ जमे जंतर मन्तर पर और देने लगे गालीयह तो मोदी जी का बॉडी सिस्टम है जो इन्हें पोषण में बदल देता हैलेकिन अबकी  बार यह पोषण कुछ ज्यादा ही हो गयाअजीर्ण हो गयासो रात के बारह बजे ही नींद खुल गई और मनाना पड़ गया क्षमावणी पर्व ।  

हमने कहा- मतलब ? 

बोल- मतलब, रात को आठ बजे घोषणा या प्रदर्शन करने वाले मोदी जी ने इस जेन जी के हिसाब से सुविधाजनक समय पर रात को बारह बजे इंस्टाग्राम पर क्षमावणी पर्व मनायाऔर जहां तक जैन धर्म के हिसाब से क्षमावणी के शास्त्र सम्मत दिन की बात है तो मोदी जी इन सब बातों से ऊपर हैंऐसे ही तो नहीं कहा गया है- मोदी है तो मुमकिन है ।  

जैन धर्म में जोणमो कारवह वास्तव मेंनमो कारहैऔर नमो मतलब नरेंद्र मोदीउसी से बना हैनमो भारत’ । नमो भगवते  वासुदेवाय भी मोदी जी ही हैं ।  

हमने कहा- क्षमावणी तो अपने द्वारा किए गए किसी भी कर्म और विचार से दूसरे को पहुँचने वाले कष्ट के लिए क्षमा मांगकर एक प्रकार से अपनी आत्मा की शुद्धि का उपक्रम हैआजकल यह एक प्रकार के औपचारिक प्रदर्शन का अवसर बन गया हैबड़े लोग अखबारों में बड़े बड़े क्षमावणी के विज्ञापन छपवाते हैंअब जो पढे वह इसका जो चाहे अर्थ निकाल लेवे तो छपवा देते हैं कि विगत एक वर्ष में मेरे द्वारा किए गए किसी कर्म से अगर किसी को कोई कष्ट हुआ हो तो मैं उसके लिए क्षमा माँगता हूँ ।  ऐसे  जैनों  को कभी  व्यापार में कम तौलने, मिलावटी माल देने, घटिया माल पेलने के लिए भी माफी माँगनी चाहिए । 

वैसे मोदी जी ने किस अपराध के लिए क्षमा मांगी ? कॉकरोच जेन जी को आतंकवादी, वायरस, गटर जेनेरेशन कहने के लिए या उन पर पैलेट गन चलवाने  के लिए या कीलों और करंट वाली लाठियाँ मरवाने िए ड़कियों िजी ंगों  लाठियाँ मरवाने िए ड़कियों िजी ंगों ठियों ज्जित रने िए  

बोला- मोदी जी माफी मांगते नहींवे तो दयालु हैं, करुणा के अवतार हैंवे तो सबको माफ करते हैंउन्होंने जेन जी के भूले भटके मासूम बच्चों को उनके द्वारा दी गई गालियों िए दार ृदय ्षमा   िया । और माफ़ी ही दे रहे थे तो उस 15 साल की बच्ची से रुला रुलाकर टीवी पर माफ़ी क्यों मँगवाई गई और क्यों अब भी उसे भीषण यौन धमकियाँ दिलवाई  जा रही हैं ।    

हमने कहा- लेकिन बच्चों ने तो कोई माफी नहीं मांगी फिर माफ करने का प्रश्न ही कहाँ उठता है 

बोला- यही तो बड़ी बात हैमाफ करने वाले किसी की याचना का इंतजार नहीं करतेसच्चे स्वयंसेवक इस बात का इंतजार नहीं करते की कोई उन्हें सेवा करने के लिए कहेवे तो दंड लेकर सिविल ड्रेस में पुलिस के साथ घुस जाते हैं और कर देते हैं सेवासच्चा दानी तो वही होता है जो खुद ही किसी की आवश्यकता समझकर दान दे देमैं भी तुझे सड़ियल चाय पिलाकर, बकवास सुनाने के अपराध के लिए क्षमा करता हूँ ।  

हमने कहा- तो फिर हम भी मोदी जी को 18 महीने के डीए का एरियरदेने के लिए क्षमा करते हैंऔर अगर कोई फायदा होता हो तो 50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड, जर्सी गाय, कटुआ, भड़ुआ, गोली मारो सालों को आदि संस्कारी शब्दों का उच्चारण करने वाले सभी राष्ट्रवादियों और भक्तों को क्षमा करते हैं ।  

अगर फिर भी कोई कमी लगे तो गोडसे की तरफ से गांधी को क्षमा कर देते हैंरावण के बिहाफ़ पर सीता को क्षमा कर देते हैं ।  

वैसे ऐसी क्षमावणी की तो महावीर ने कभी कल्पना नहीं की होगी ।  



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