Apr 18, 2026

18-04-2026 बिल गिर गया


18-04-2026  


बिल गिर गया 






आज तोताराम कुछ परेशान सा था, बोला- मास्टर, बिल गिर गया ।

 

हमने कहा- कोई चिंता की बात नहीं । चूहे की कौन सी फिक्स ड्यूटी होती है । सुना है सेवा के लिए प्रतिबद्ध कुछ मनुष्य तो दिन में 20-20 घंटे और बिना कोई छुट्टी लिए ही देश की नींव खोदते रहते हैं । फिर ये तो चूहे हैं । बिल खोदना ही इनका काम है ।इन्हें किसी हार्वर्ड की डिग्री नहीं चाहिए । इनके पास बिल खोदने के हार्ड वर्क की एनटायर मास्टर्स की डिग्री है ।ऐसे में खोदा गया कोई बिल अगर  गिर भी गया तो क्या ?  एक नहीं और अनेक बिल खोद डालेंगे ।

 

तुझे चिड़िया और चुहिया की कहानी पता है ना ? दोनों में दोस्ती थी । एक दिन चुहिया ने चिड़िया से अपना घर दिखाने के लिए कहा । चिड़िया ने कहा कि उसका घर बहुत दूर है और रास्ते में कई तरह की समस्याएं हैं । लेकिन चुहिया नहीं मानी । रास्ते में चुहिया कँटीली झाड़ियों में फँस गई । चिड़िया ने हाल पूछा तो बोली, मैं फँसी नहीं मैं तो नाक छिदवा रही थी । इसी तरह डूबने पर उसने उसे स्नान करना बताया । लेकिन हार नहीं मानी । 


एक दिन चुहिया का बिल गिर गया तो चिड़िया ने कमेन्ट किया- चुहिया रे चुहिया तेरा तो बिल गिर गया । 

चुहिया भी बड़ी ढीठ थी, बोली- मैं तो इसे गिराना ही चाहती थी । शत्रु को धोखा देकर नया एजेंडा और मुद्दा सेट करना मेरे मकसद थे  ।यही मेरी चाणक्य नीति थी । 


तोताराम बोला- मैं तो तुझे राजनीतिक रूप से जाग्रत रखने के लिए अवगत कराता रहता हूँ और तू है कि ऐसी ऐसी फालतू और बेसिर पैर की बातें करता है कि मेरा दिमाग खराब हो जाता है । जी करता है अपना जूता निकालकर अपना ही सिर पीट लूँ ।

 

हमने कहा- इस समय तेरा ही नहीं सारी दुनिया में ही भले आदमियों का यही हाल हो रहा है ।यहाँ या वहाँ, कहीं देख ले सब सिर पीटने वाली बातें । जिनको कुछ नहीं करना वे ऐसी ही बातें करते रहते हैं । अब उधर ट्रम्प दिन में सौ बकवास करता है ।और यहाँ ये चूहे । अरे भाई होना हवाना कुछ नहीं । जो करना है कर लें । कर दे फाड़कर एक की दो । बरसने को कुछ है नहीं । बस गरजना और वह भी हर समय । वनस्पति बादल के गरजने से नहीं बरसने से पुष्ट होती है । 


बोला-मास्टर, मैं किसी चूहे के बिल की नहीं मैं संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने की बात करना चाहता था । 


हमने कहा- अगर महिलाओं का कल्याण करना है तो क्या किसी बिल के बिना नहीं हो सकता ? सभी माननीय अपने घर, परिवार और आसपास संपर्क में आने वाली महिलाओं के प्रति ही सम्मान और सहानुभूति रख लें ।अपने घरों में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और पूरा वेतन दे दें । न्यूनतम वेतन माँगने वाले मजदूर, मजदूरनियों पर डंडे कहाँ की पुलिस बरसा रही है ? महिला पहलवानों को किसने घसीटा था संसद मार्ग पर ।  मुफ़्त शिक्षा, सड़क और कार्य स्थल पर पूर्ण सुरक्षा  किसकी जिम्मेदारी है ?  निकालो अपने बलात्कार के आरोपी सांसदों को बाहर, जाओ मणिपुर और माँगो वहाँ की पीड़ित महिलाओं से माफी ।चुनावी रैली, रोड़ शो, फ़ोटो सेशन से तो फुरसत मिलती नहीं और करने चले है महिलाओं का सम्मान । पचास करोड़ की गर्ल फ्रेंड, जर्सी गाय जैसे सम्मान सूचक शब्द किस संत के हैं ?  ये तो अपनी छोड़ी पत्नी से ही गुजारा भत्ता न मांगें तो ही बहुत है । और तो और आदिवासी महिला राष्ट्रपति से ही माननीयों का व्यवहार देख लो । 


बोला- लेकिन मास्टर, बिल .....

 

हमने कहा- क्या बिल बिल । चूहों का काम ही है बिल खोदना ।कुछ भी खा जाना ।  किसी भी पुल में घुसकर खोदेंगे,किसी बांध को बिल बना बना कर ढहा देंगे, किसी भी सड़क में घुसकर बिल बना देंगे, खाद्य निगम के गोदामों में घुसकर करोड़ों का अनाज खा जाएंगे और तो और शराब बंदी वाले राज्यों में बरामद करोड़ों की शराब पी जाएंगे । चूहे तो हर माननीय केजघन्य मुकदमों की फ़ाइलें खा जाएंगे । अभी विदेशों में चूहे इतने सक्रिय नहीं हुए हैं । अगर इन्हें अमेरिका का वीजा दे दिया जाए तो ये वहाँ जाकर एप्सटीन वाली फ़ाइल तक कुतर आएंगे । फिर दाग ढूँढता रह जाएगा नेतन्याहू । 


तोताराम उठा और कहते हुए चल दिया- तुझे तेरा बिल और चूहे मुबारक ।मेरे मुँह से गुस्से में शाह साहब या विधूड़ी की तरह कोई  संसदीय शब्द निकल जाए उससे पहले चल ही देना चाहिए । चाय का क्या है ? यह कौन सी मोदी जी द्वारा ओबामा या छोटी आँख वाले गणेश जी को पिलाई जाने वाली विशेष चाय है ।  







पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

Apr 17, 2026

07-04-2026 8. नमो मगरमच्छ मनेजमेंट मिशन

 

नमो मगरमच्छ मनेजमेंट मिशन 


तोताराम एक छोटी सी बोतल लाया जिसमें एक छोटा सा जीव था चार पैर वाला ।  



बोतल को हमारे सामने रखते हुआ बोला- यह क्या है ? 

हमने कहा- जब तू लाया है तो पता भी तुझे ही होना चाहिए कि यह क्या है ।वैसे तू जो कहे वही सही । 

बोला- यह भी कोई उत्तर है । लगने को क्या है ? इस तरह से तू मुँहदेखी भी तो कह सकता है ।  

हमने कहा- हाँ, हो सकता है जैसे कि मोदी जी जहाँ भी जाते हैं कोई रिश्तेदारी निकाल लेते हैं । इज़राइल से हमारा कोई लेना देना नहीं है और रिश्तेदारी का तो सवाल ही नहीं उठता फिर भी मोदी जी कह बैठे कि इज़राइल फादरलैंड है और भारत मदरलैंड है । सभी देशों के लोग अपने देश को फादरलैंड मदरलैंड कुछ भी तो कहते हैं । इज़राइल की तरह जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड आस्ट्रिया आदि भी अपने देश को फ़ादरलैंड कहते हैं । हमारे हिसाब से मदरलैंड  ज़्यादा सही है क्योंकि मदर कभी संदेहास्पद नहीं हो सकती । बाप का क्या है ? जो भी ताकतवर आकर देश पर कब्जा कर लेता है वही बाप बन बैठता है । हालाँकि मोदी जी का ऐसा कोई विचार भी नहीं था लेकिन लोगों को अनर्थ करने का मौका मिल गया । कल को पूछने लगेंगे कि अब हमारा मौसालैंड, फूफालैंड, चाचालैंड , नानालैंड भी बताओ । 

वैसे हमें तो यह एक मरियल छिपकली लगती है । 

बोला- नहीं, तेरा अनुमान गलत है । यह छिपकली नहीं, एक मगरमच्छ है । 

हमने कहा- हो सकता है कुछ और हो । इसे निकालकर पेड़ पर रखकर देख ।अगर रंग हरा हो जाए तो गिरगिट है क्योंकि गिरगिट भी मौके के अनुसार रंग बदल लेता है । 

बोला- यह मगरमच्छ है । 

हमने कहा- अगर मगर से क्या होता है और अगर मगर है तो फिर यह कुपोषित है। हो सकता है इसके हिस्से का पोषाहार कोई अधिकारी खा गया हो । 

बोला- यह शीघ्र ही विष्णु के मत्स्यावातार की तरह बड़ा हो जाएगा । और जैसे विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर मनु के नेतृत्व में  जल प्रलय से सृष्टि को बचाया था वैसे ही यह बंगलादेश से जुड़ी भारत की जल सीमा  वाले क्षेत्र में तैनात होकर अवैध घुसपैठ को रोकेगा । 

हमने पूछा- वैसे ऐसी अद्भुत योजना है किस चाणक्य के दिमाग की उपज ? 

बोला- सही पहचाना । यह चाणक्य के अवतार अमित शाह जी के दिमाग की उपज है । डंकी रूट से अमेरिका में घुसने वालों को रोकने के लिए ऐसी योजना तो ट्रम्प के दिमाग में भी नहीं आई । लेकिन यह वर्तमान में छिपकली और भविष्य का  मगरमच्छ बंगलादेश वालों को कैसे पहचानेगा ? 

बोला- यह गुजरात के उसी मगरमच्छ के परिवार से है जिसके बच्चे को मोदी जी बचपन में पकड़कर घर लाए थे । 


यह भी उनकी तरह बंगलदेशियों को उनके कपड़ों से पहचान लेगा । 

हमने कहा- तो फिर अयोध्या, बनारस आदि के मंदिरों के ठेकों की तरह सीमा सुरक्षा बल में गुजरात मे मगरमच्छों का 100% रिजर्वेशन पक्का । 




पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

15-04-2026 बिहार को सम्राट मिल गया


15-04-2026 


बिहार को सम्राट मिल गया 




आज तोताराम बहुत प्रसन्न था । 

बोला- मास्टर, आज बिहार को सम्राट मिल गया । 

हमने कहा- बहुत देर से मिला । ईसा पूर्व एक हुए सम्राट चंद्र्गुप्त मौर्य, फिर अशोक और उसके कोई पाँच सौ साल बाद मिले सम्राट समुद्रगुप्त । और उसके 1700 साल बाद के लंबे इंतजार के बाद ये सम्राट । बिहार के नए सम्राट । सुना है ये दुर्योधन के मामाजी शकुनी जी के पुत्र हैं । इन्होंने तो लगता है कोई पाँच हजार साल तक इंतजार किया । वैसे इन्हें बनना तो अफगानिस्तान का सम्राट चाहिए था लेकिन क्या करें वहाँ तो अब मुसलमानों की सरकार है । 

बोला- लगता है तू कोई स्मृतिभ्रंश सनातनी है जिसका कालबोध समाप्त हो गया है । यह भी हो सकता है तुझे अलझाइमर हो गया है । कुछ भी याद नहीं रहता । अब 21 वीं शताब्दी है । और अब उस मनुस्मृति को जलानेवाले विरोधी आंबेडकर का संविधान चल रहा है । बड़ी मुश्किल से मोदी जी ने नया संसद भवन सेंट्रल विष्टा बनवाया और उसमें राजतन्त्र का प्रतीक सेंगोल रखवाया तब कहीं जाकर सम्राट का सिंहसनारोहण संभव हुआ । 

हमने कहा- नहीं ऐसा नहीं है । हमें सब याद है । इनसे पहले नीतीश कुमार थे जो तरह तरह से इधर उधर होते रहे यही कोई दस बार मुख्यमंत्री बने लेकिन अंत में छोड़ना ही पड़ा ।   

बोला- तो फिर देर कहाँ हुई । 15 अप्रैल 2026 को नीतीश जी ने इस्तीफा दिया और 15 को ही सम्राट सिंहासनारूढ़ हुए । एक पल का भी विलंब नहीं हुआ । 

हमने कहा- लेकिन कई दिनों से मामला इधर उधर हो रहा था । बात बन ही नहीं रही थी । नीतीश जी भी फूँक फूँक कर कदम उठा रहे थे कि कहीं ऐसा न हो कि यहाँ से छोड़ें और दिल्ली पहुँचें तो राज्यसभा की सांसदी भी निरस्त हो जाए ।  लेकिन चलो धनखड़ की तरह फजीता तो नहीं हुआ जिन्हें कोई फ़ेयरवेल पार्टी देने वाला तक नहीं मिला । वैसे ये सम्राट महाभारत वाले शकुनी सुत नहीं हैं तो फिर किस वंश के कुलदीपक है । 

बोला- वैसे तो चौधरी लिखते हैं लेकिन चौधरी तो बिहार और बंगाल में ब्राह्मण होते हैं । हरियाणा और राजस्थान में जाट और कई जगह बनिए भी होते हैं । अपने चिड़ावा में नहीं थे पोद्दार पार्क के इंचार्ज चिरंजी लाल चौधरी ? उनका बेटा विश्वनाथ चौधरी था अपने साथ । 

हमने कहा- अपने को क्या ? जो भी सिंहासन पर बैठता है वह कुछ भी न हो तो भी क्षत्रिय हो जाता है । ऐसे एक नहीं अनेक उदाहरण हैं । सुनते हैं ब्राह्मणों ने शिवाजी का राज्याभिषेक नहीं करवाया था । चाणक्य ने नन्द को उसके वर्ण के आधार पर बड़ी हिकारत से संबोधित किया था । खैर, सिंहासन बैठे सो क्षत्रिय होई । वैसे सम्राट किस गुरुकुल के स्नातक हैं ?

बोला- सम्राटों के बारे ऐसी बातें पूछकर अपने को संकट में नहीं डालना चाहिए । जितने मुँह उतनी बातें । वैसे उन्होंने अपने बारे में सब कुछ हाफिटडिफीट  में बता दिया है । सूचना के अधिकार के तहत जानकारी माँग ले  लेकिन कहीं मोदी जी के डिग्री के चक्कर में केजरीवाल की तरह कोई 25 हजार का जुर्माना लगा दे तो मुझे मत कहना ।


-रमेश जोशी   



पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

17-04-2026 संतुष्टि (लघु कथा )


17-04-2026   

संतुष्टि   (लघु कथा ) 

-बिजली गई 
-???????? 
- क्या फ्यूज देखूँ  
-नहीं, अँधेरे में ठीक नहीं 
-बिजली विभाग को फोन करूँ 
-वहाँ कोई उठाता नहीं 
-तो क्या करूँ 
-पड़ोसी की देख 
-उसकी भी गई हुई है 
-तो फिर कोई बात नहीं, आराम से बैठ या कोई बहुत जरूरी काम हो तो मोमबत्ती जला ले । 

-





पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach