May 21, 2026

21-05-2026 छोटे फूफा


21-05-2026 


छोटे फूफा 





आज तोताराम ने पूछा- छोटे फूफा आ गए ?


हमने कहा- अब छोटे और बड़े फूफा कोई आने वाले नहीं हैं । अब तो जब हुक्म होगा हम ही उनके पास जाएंगे । जहाँ फूफा लोग जा चुके हैं वहाँ से कोई लौटकर नहीं आता । वैसे यह किस फूफा की बात कर रहा है तू ?


बोला- मेलोनी के फूफा की । 


हमने कहा- मेलोनी के फूफा राजीव गाँधी तो हो सकते हैं क्योंकि उनकी ससुराल इटली में है ।संजय गाँधी छोटे फूफा हो सकते थे लेकिन वे भी नहीं रहे । 


बोल- क्यों, मोदी जी छोटे फूफा नहीं हो सकते क्या ? मानो तो रिश्ता, न मानो तो बाप भी कुछ नहीं ।राष्ट्र के रिश्ते सारे राष्ट्र  पर लागू होते हैं जैसे किसी गाँव के दामाद से सारा गाँव मजे लेता है कि नहीं ? बापू सारे देश का एक, सरदार सारे देश का एक, नेताजी सारे देश के एक । मोदी जी राजीव गाँधी से पाँच सात साल छोटे हैं । इटली से उनका भी कोई राष्ट्रीय रिश्ता बनता है कि नहीं ? ऐसे में   इटली के 50 साल तक के बच्चे सोनिया की ससुराल से आये मोदी जी को छोटा फूफा नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे ।  


हमने कहा- हमें तो ध्यान ही नहीं आया कि इतने दिनों से मोदी जी और मेलोनी की चर्चा क्यों चल रही है । अब मामला समझ में आया । कुछ भी हो तोताराम, आदमी लाख दुनियादारी छोड़ दे लेकिन फिर भी कुछ न कुछ तो बचा ही रहता है आदमी के मन में । जिसके बहिन नहीं होती वह किसी को धर्म की बहिन बना लेता है । ठीक है मोदी जी ने देश की सेवा के लिए घर नहीं बसाया, लेकिन कहीं न कहीं मन में वात्सल्य है तो सही । और मेलोनी भी देखा नहीं, कैसे खुश नजर आती है मोदी जी के साथ जैसे पिता या दादा के साथ कोई बेटी-पोती । आजकल तो कई लड़कियां बुजुर्गों को बॉय फ्रेंड तक कहती हैं । ‘खूबसूरत’ फिल्म में देखा नहीं रेखा कैसे अशोक कुमार के साथ गाती है- सारे नियम तोड़ दो, नियम से चलना छोड़ दो । 

 

बोला- तभी तो मोदी जी मेलोनी के लिए ‘मेलोड़ी’ चॉकलेट लेकर गए हैं । 


हमने कहा- भले ही परिवार नहीं बसाया हो लेकिन मोदी में समझ तो है । वैसे तो हम आजकल बाहर बहुत कम जाते हैं और जाते हैं तो भी चुपचाप जो काम करना होता है करके सीधे घर आ जाते हैं । लेकिन बहू जब भी बाहर से आती है तो खाने की कोई न कोई चीज जरूर लाती है । उसने हमें भी कहा कि हम जब बाहर से आयें बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर आया करें, भले ही दो चार टॉफी ही क्यों न हो ।इससे दादा पोते-पोतियों का रिश्ता गहरा होता है । हमें प्रेरणा देने के लिए वह अपने आप से हमारी मेज की दराज में टॉफी का पैकेट रख देती है । लेकिन मोदी जी तो संघ परिवार के बाल ब्रह्मचारी होकर भी बहुत व्यावहारिक निकले । 


बोला- यही तो विशेषता है मोदी जी की । जहाँ भी जाते हैं कोई न कोई इस-उस या पिछले जन्म का रिश्ता निकाल ही लेते हैं । अबकी बार तो क्या अनुप्रासात्मक मास्टर स्ट्रोक मारा है- मेलोनी और मेलोडी । कभी राजीव गाँधी के दिमाग में भी इटली की किसी मेलोनी के लिए कोई  मेलोड़ी चॉकलेट ले जाने का आइडिया नहीं आया होगा ।


हमने कहा- अगर कमला हैरिस अमेरिका की राष्ट्रपति बन जाती तो हो सकता है  मोदी जी उसके लिए ‘कमलापसंद’ पान मसाला ले जाते । 


बोला- वैसे मास्टर, एक बात तो तुझे माननी पड़ेगी कि मोदी जी का गुजराती दिमाग सब जगह काम करता है ।अगर सबसे बड़ा पैक भी दिया होगा तो 391 ग्राम वाला लगभग 100 रुपए का आता है मतलब दो डॉलर से भी कम ।



  



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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

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