Apr 17, 2026

07-04-2026 8. नमो मगरमच्छ मनेजमेंट मिशन

 

नमो मगरमच्छ मनेजमेंट मिशन 


तोताराम एक छोटी सी बोतल लाया जिसमें एक छोटा सा जीव था चार पैर वाला ।  



बोतल को हमारे सामने रखते हुआ बोला- यह क्या है ? 

हमने कहा- जब तू लाया है तो पता भी तुझे ही होना चाहिए कि यह क्या है ।वैसे तू जो कहे वही सही । 

बोला- यह भी कोई उत्तर है । लगने को क्या है ? इस तरह से तू मुँहदेखी भी तो कह सकता है ।  

हमने कहा- हाँ, हो सकता है जैसे कि मोदी जी जहाँ भी जाते हैं कोई रिश्तेदारी निकाल लेते हैं । इज़राइल से हमारा कोई लेना देना नहीं है और रिश्तेदारी का तो सवाल ही नहीं उठता फिर भी मोदी जी कह बैठे कि इज़राइल फादरलैंड है और भारत मदरलैंड है । सभी देशों के लोग अपने देश को फादरलैंड मदरलैंड कुछ भी तो कहते हैं । इज़राइल की तरह जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड आस्ट्रिया आदि भी अपने देश को फ़ादरलैंड कहते हैं । हमारे हिसाब से मदरलैंड  ज़्यादा सही है क्योंकि मदर कभी संदेहास्पद नहीं हो सकती । बाप का क्या है ? जो भी ताकतवर आकर देश पर कब्जा कर लेता है वही बाप बन बैठता है । हालाँकि मोदी जी का ऐसा कोई विचार भी नहीं था लेकिन लोगों को अनर्थ करने का मौका मिल गया । कल को पूछने लगेंगे कि अब हमारा मौसालैंड, फूफालैंड, चाचालैंड , नानालैंड भी बताओ । 

वैसे हमें तो यह एक मरियल छिपकली लगती है । 

बोला- नहीं, तेरा अनुमान गलत है । यह छिपकली नहीं, एक मगरमच्छ है । 

हमने कहा- हो सकता है कुछ और हो । इसे निकालकर पेड़ पर रखकर देख ।अगर रंग हरा हो जाए तो गिरगिट है क्योंकि गिरगिट भी मौके के अनुसार रंग बदल लेता है । 

बोला- यह मगरमच्छ है । 

हमने कहा- अगर मगर से क्या होता है और अगर मगर है तो फिर यह कुपोषित है। हो सकता है इसके हिस्से का पोषाहार कोई अधिकारी खा गया हो । 

बोला- यह शीघ्र ही विष्णु के मत्स्यावातार की तरह बड़ा हो जाएगा । और जैसे विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर मनु के नेतृत्व में  जल प्रलय से सृष्टि को बचाया था वैसे ही यह बंगलादेश से जुड़ी भारत की जल सीमा  वाले क्षेत्र में तैनात होकर अवैध घुसपैठ को रोकेगा । 

हमने पूछा- वैसे ऐसी अद्भुत योजना है किस चाणक्य के दिमाग की उपज ? 

बोला- सही पहचाना । यह चाणक्य के अवतार अमित शाह जी के दिमाग की उपज है । डंकी रूट से अमेरिका में घुसने वालों को रोकने के लिए ऐसी योजना तो ट्रम्प के दिमाग में भी नहीं आई । लेकिन यह वर्तमान में छिपकली और भविष्य का  मगरमच्छ बंगलादेश वालों को कैसे पहचानेगा ? 

बोला- यह गुजरात के उसी मगरमच्छ के परिवार से है जिसके बच्चे को मोदी जी बचपन में पकड़कर घर लाए थे । 


यह भी उनकी तरह बंगलदेशियों को उनके कपड़ों से पहचान लेगा । 

हमने कहा- तो फिर अयोध्या, बनारस आदि के मंदिरों के ठेकों की तरह सीमा सुरक्षा बल में गुजरात मे मगरमच्छों का 100% रिजर्वेशन पक्का । 




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15-04-2026 बिहार को सम्राट मिल गया


15-04-2026 


बिहार को सम्राट मिल गया 




आज तोताराम बहुत प्रसन्न था । 

बोला- मास्टर, आज बिहार को सम्राट मिल गया । 

हमने कहा- बहुत देर से मिला । ईसा पूर्व एक हुए सम्राट चंद्र्गुप्त मौर्य, फिर अशोक और उसके कोई पाँच सौ साल बाद मिले सम्राट समुद्रगुप्त । और उसके 1700 साल बाद के लंबे इंतजार के बाद ये सम्राट । बिहार के नए सम्राट । सुना है ये दुर्योधन के मामाजी शकुनी जी के पुत्र हैं । इन्होंने तो लगता है कोई पाँच हजार साल तक इंतजार किया । वैसे इन्हें बनना तो अफगानिस्तान का सम्राट चाहिए था लेकिन क्या करें वहाँ तो अब मुसलमानों की सरकार है । 

बोला- लगता है तू कोई स्मृतिभ्रंश सनातनी है जिसका कालबोध समाप्त हो गया है । यह भी हो सकता है तुझे अलझाइमर हो गया है । कुछ भी याद नहीं रहता । अब 21 वीं शताब्दी है । और अब उस मनुस्मृति को जलानेवाले विरोधी आंबेडकर का संविधान चल रहा है । बड़ी मुश्किल से मोदी जी ने नया संसद भवन सेंट्रल विष्टा बनवाया और उसमें राजतन्त्र का प्रतीक सेंगोल रखवाया तब कहीं जाकर सम्राट का सिंहसनारोहण संभव हुआ । 

हमने कहा- नहीं ऐसा नहीं है । हमें सब याद है । इनसे पहले नीतीश कुमार थे जो तरह तरह से इधर उधर होते रहे यही कोई दस बार मुख्यमंत्री बने लेकिन अंत में छोड़ना ही पड़ा ।   

बोला- तो फिर देर कहाँ हुई । 15 अप्रैल 2026 को नीतीश जी ने इस्तीफा दिया और 15 को ही सम्राट सिंहासनारूढ़ हुए । एक पल का भी विलंब नहीं हुआ । 

हमने कहा- लेकिन कई दिनों से मामला इधर उधर हो रहा था । बात बन ही नहीं रही थी । नीतीश जी भी फूँक फूँक कर कदम उठा रहे थे कि कहीं ऐसा न हो कि यहाँ से छोड़ें और दिल्ली पहुँचें तो राज्यसभा की सांसदी भी निरस्त हो जाए ।  लेकिन चलो धनखड़ की तरह फजीता तो नहीं हुआ जिन्हें कोई फ़ेयरवेल पार्टी देने वाला तक नहीं मिला । वैसे ये सम्राट महाभारत वाले शकुनी सुत नहीं हैं तो फिर किस वंश के कुलदीपक है । 

बोला- वैसे तो चौधरी लिखते हैं लेकिन चौधरी तो बिहार और बंगाल में ब्राह्मण होते हैं । हरियाणा और राजस्थान में जाट और कई जगह बनिए भी होते हैं । अपने चिड़ावा में नहीं थे पोद्दार पार्क के इंचार्ज चिरंजी लाल चौधरी ? उनका बेटा विश्वनाथ चौधरी था अपने साथ । 

हमने कहा- अपने को क्या ? जो भी सिंहासन पर बैठता है वह कुछ भी न हो तो भी क्षत्रिय हो जाता है । ऐसे एक नहीं अनेक उदाहरण हैं । सुनते हैं ब्राह्मणों ने शिवाजी का राज्याभिषेक नहीं करवाया था । चाणक्य ने नन्द को उसके वर्ण के आधार पर बड़ी हिकारत से संबोधित किया था । खैर, सिंहासन बैठे सो क्षत्रिय होई । वैसे सम्राट किस गुरुकुल के स्नातक हैं ?

बोला- सम्राटों के बारे ऐसी बातें पूछकर अपने को संकट में नहीं डालना चाहिए । जितने मुँह उतनी बातें । वैसे उन्होंने अपने बारे में सब कुछ हाफिटडिफीट  में बता दिया है । सूचना के अधिकार के तहत जानकारी माँग ले  लेकिन कहीं मोदी जी के डिग्री के चक्कर में केजरीवाल की तरह कोई 25 हजार का जुर्माना लगा दे तो मुझे मत कहना ।


-रमेश जोशी   



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17-04-2026 संतुष्टि (लघु कथा )


17-04-2026   

संतुष्टि   (लघु कथा ) 

-बिजली गई 
-???????? 
- क्या फ्यूज देखूँ  
-नहीं, अँधेरे में ठीक नहीं 
-बिजली विभाग को फोन करूँ 
-वहाँ कोई उठाता नहीं 
-तो क्या करूँ 
-पड़ोसी की देख 
-उसकी भी गई हुई है 
-तो फिर कोई बात नहीं, आराम से बैठ या कोई बहुत जरूरी काम हो तो मोमबत्ती जला ले । 

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15-04-2026 ट्रम्प का फोन आया क्या ?


15-04-2026 

ट्रम्प का फोन आया क्या ?

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 आज तोताराम ने आते ही प्रश्न किया- ट्रम्प का फोन आया क्या ? 
हमने भी प्रतिप्रश्न दाग दिया- क्यों तेरे पास स्मार्ट फोन नहीं है क्या ? और क्या तेरे फोन में बेलेन्स नहीं है या फिर इंकमिंग बंद है या नेटवर्क काम नहीं कर रहा है ?   
बोला- इतने प्रश्न एक साथ । तू तो मुझे साँस ही नहीं लेने देना चाहता, कोई मुद्दे की बात  नहीं करने देना चाहता जैसे मोदी जी हर दिन कोई न कोई मुद्दा उठाकर 'इंडिया' को उलझाए हुए हैं । 
हमने कहा- तू भी तो हमें फालतू की बातों में उलझाए हुए रहता है ।  ट्रम्प के पास कौनसी हमारी कोई गुप्त फ़ाइल है या हम कौन उसके दबैल हैं जो जब चाहे फोन करके कुछ भी बोल देगा और हम चुपचाप 'मैंने युद्ध विराम करवाया' जैसे उसके जुमले सुनते हुए भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं रहेंगे ।  
बोला- हाँ या ना में उत्तर दें । 
हमने कहा- ऐसे नहीं होता । अगर तू आज एप्सटीन फ़ाइल के नाम पर चुप्पी लगा जाने वाले किसी संत से पूछे कि क्या आपका नाम फ़ाइल से हटा दिया गया ? हाँ या ना में उत्तर दें । तो क्या यह संभव है ? उगले बने न निगले । फिर भी आज चाय जैसे जमीनी प्रश्न से उठकर सीधे ट्रम्प तक कैसे पहुँच गया ?बोला- कल मोदी जी ने बताया था-  “मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।हमने पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में भी चर्चा की और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।ट्रम्प ने भी बताया कि बात 40 मिनट चली और अंत में उसने लिखा- बस मैं आपको बताना चाहता हूँ कि  हम सभी आपसे प्यार करते हैं  वी आल लव यू । 
हमने कहा- इतनी अंतरंग बातें ! क्या तेरे पास भी कोई एप्सटीन फ़ाइल लग गई ? क्या इन दोनों के पास तेरा नंबर है ? हम तो न तो किसी को अपना नंबर देते और न ही किसी अनजान नंबर से फोन आने पर उठाते हैं ।सुना है आजकल फोन पर जासूसी हो रही है । हो सकता है कोई चालाकी करके हमारे बैंक खाते से पैसे भी निकाल सकता है । 
बोला- नहीं ऐसा कुछ नहीं है । यह सब तो मुझे इन दोनों के ट्विटर अकाउंट से पता चला है । ये दोनों ही पहुँचे हुए संत हैं । दोनों ही भगवान के अवतार । गाँधी जी की तरह पूर्णतः पारदर्शी । किसी के कुछ छिपाते नहीं । ट्रम्प ने तो अपने अकाउंट का नाम ही 'ट्रुथ सोशियल ' । और मोदी जी तो बिला नागा हर महिने समस्त सृष्टि से मन की बात करते ही हैं । 
हमने पूछा- तोताराम, हमें उत्सुकता है कि बात किस भाषा में हुई होगी ? 
बोला- नेताओं के लिए भाषा की कोई समस्या नहीं होती ।वे दिखाने के लिए फ़ोटो खिंचवाते हैं, बिना बात हा हा ही ही करते हैं । वास्तव में तो सभी एजेंडा पहले से तय होता है । और फिर जैसे प्रेम और युद्ध में जब जायज होता है वैसे ही प्रेमकी एक यूनिवर्सल भाषा होती है । फिर ये दोनों तो संत है । दोनों प्रेम के ढाई अक्षर पढ़ रखे हैं । दोनों पंडित हैं । दोनों ईश्वर या ईश्वर के अवतार । इनके लिए कुछ भी संभव है । ट्रम्प आज ईसा के रूप में दिखे हैं कल मोदी जी की तरह विष्णु के रूप में नज़र आ सकते हैं ।    

  


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