20-05-2026
न कुत्ते आवारा होते हैं और न भक्त अंधे
आज तोताराम ने सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा-सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए, पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 (एबीसी नियम) के ढांचे को समान रूप से लागू करने में सरकारी अधिकारियों की विफलता का कड़ा संज्ञान लिया।
हमने कहा- लेकिन ऐसी ही संवेदनशीलता महिला पहलवानों, बंगाल के तृणमूल के सांसदों पर हमलों और चुनाव में वोट डालने आए लुंगी वाले बुजुर्ग मुसलमानों को कपड़ों के बहाने लज्जित और परेशान किए जाने पर तो माननीय न्यायालय ने ऐसी सक्रियता और संवेदनशीलता नहीं दिखाई । और फिर जनसंख्या नियंत्रण कुत्तों का ही क्यों ? हिंदुओं को तो अनेक हिन्दू साधु आठ-आठ बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ।
बोला- हिन्दुत्व की रक्षा के लिए संख्या बल का होना बहुत जरूरी है । तीर्थ स्थानों में भीड़, काँवड़ यात्रियों का हुजूम और लंबे लंबे भगवा जुलूस होने से धर्म का दबदबा बढ़ता है ।
हमने कहा- लेकिन निठल्लों की इस भीड़ को खिलाएगा कौन ?
बोला- जिसने चोंच दी है वह चुग्गा भी देगा। लेकिन ये कुत्ते तो आवारा होते हैं ।
हमने कहा- तुम्हें पता है काशी के दारोगा बाबा काल भैरव माने जाते हैं और कुत्ते उनके वाहन हैं । इन्हें कुत्ते नहीं श्वान कहो । देखा नहीं, आजकल अखबारों में भी सांड को आवारा और कुत्ते को कुत्ता नहीं, श्वान लिखते हैं । और श्वान आवारा नहीं होते । ये कभी गैरजिम्मेदार पुरुषों की तरह कुतिया और पिल्लों को छोड़कर नहीं जाते । अपने मोहल्ले में ही रहते हैं । अपनी ड्यूटी छोड़कर बिना बात देश-विदेश भी घूमते नहीं फिरते ।
किसी भी ऐरे गैरे को मोहल्ले में नहीं आने देते । अगर इन्हें राम मंदिर की चौकीदारी सौंपी जाती तो किसके बाप की मजाल जो चन्दा चोरी कर जाता या प्रभु राम की पादुका ले भागता । तुझे पता होना चाहिए हिमालय जाते समय एक एक करके सबका साथ छूट गया लेकिन युधिष्ठिर के साथ चल रहे कुत्ते ने अंत तक उनका साथ निभाया और युधिष्ठिर ने भी उसके बिना स्वर्ग में प्रवेश के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया ।
कुत्ते कभी भी लालच में दल बदल नहीं करते । सच्चा कुत्ता पार्टी के अनुशासित सिपाही की तरह मरते दम तक अपनी पार्टी को नहीं छोड़ता । आज तक डंकी रूट तो दूर किसी कुत्ते ने अमेरिका के वीजा और नागरिकता तक के लिए एप्लाई नहीं किया । सिद्धांतवादी कुत्ता कभी किसी से दबता नहीं । भले ही वह ट्रम्प ही क्यों न हो । एक बार तो भूँककर अपनी प्रतिबद्धता जता ही देगा । और उसके सामने कभी भी दबेगा नहीं ।
अब तो कई देर से चुपचाप सुन रहे तोताराम से जब्त नहीं हुआ, बोला- मतलब कि कुत्ता अंधभक्त होता है ।
हमने कहा- कुत्ते की प्रतिबद्धता पर शंका और अंधभक्त की भक्ति पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए । अंधभक्त जैसा चतुर, धूर्त और बदमाश और कोई नहीं होता । आज जो उछल उछलकर कर जै जैकार कर रहे हैं वे सत्ता के तनिक कमजोर पड़ने की आशंका से ही खिसक लेंगे । जब जहाज डूबता है तो सबसे पहले चूहे भागते हैं अर्थात जब किसी संस्था, कंपनी, राजनीतिक दल या प्रोजेक्ट के विफल होने या संकट में आने का अंदेशा होता है, तो स्वार्थी लोग या अवसरवादी सबसे पहले उसे छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले जाते हैं।
तभी कहा गया है, जब नवाब साहब की कुतिया बीमार हुई तो हाल पूछने वाले हजारों आए लेकिन जब नवाब साहब मरे तो जनाजे में चार आदमी भी मुश्किल से जुटे ।
लंका का उदाहरण ही ले ले । जैसे ही हनुमान से राम के आने का समाचार मिला तो हमेशा का शिवभक्त विभीषण फटाफट रामभक्त बन गया और राम ने भी रावण के मरने से पहले ही उसका लंका के राज्य के रूप अभिषेक भी कर दिया-
जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ।
सोइ संपदा बिभीषनहि सकुचि दीन्हि रघुनाथ॥
इस भाव में विभीषण को लंका का राजा घोषित करना कौन महंगा था ।
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