19-05-2026
गर्व से कहो हम कॉकरोच है
आज जैसे ही तोताराम आया, हमने कहा- तोताराम, क्यों न अपन भी कोई पार्टी बना लें ।
बोला- बनी तो हुई है बी टी पी बरामदा टी पार्टी । एक टी पार्टी बनी थी अमेरिका में ‘बोस्टन टी पार्टी’ जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया था और एक तेरी यह बरामदा टी पार्टी । आज तक कुछ नहीं हुआ ।
हमने कहा- तो इसे बीजेपी बना लेते हैं ‘बरामदा जनता पार्टी’ या ‘बुढ़ऊ जनता पार्टी’ ।
बोला- वह भी करके देख लिया लेकिन हिमन्त बिसवा, सुवेन्दु अधिकारी, अशोक चव्हाण तो दूर कोई राघव चड्ढा भी चड्डी पहनने नहीं आया ।
हमने कहा- पार्टी में कोई नाम से नहीं दाम और भय से आता है । हमारे पास कौन सा पी एम केयर फंड या इलेक्शन बॉन्ड का धन है और डराने के लिए कौनसी पुलिस, ईडी है ।
बोला- और चाय भी थर्ड क्लास ।
हमने कहा- तो फिर बरामदा झालमुड़ी पार्टी बना लेते हैं ।
बोला- अब झालमुड़ी और नौकाविहार का समय गया । वह अगर आएगा तो 2031 में चुनाव के समय । अब फाँकता रहे बंगाल झालमुड़ी और चलता रहेगा बुलडोज़र ।
हमने कहा- तो सी जे पी बना लेते हैं । सी जे पी मतलब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ।
बोला- कल्पना भी की तो कंजूसी वाली । मिर्ची के साथ रोटी की । कल्पना में तो मोदी जी वाला मशरूम खा लेता । सी जे पी से क्रोकोडाइल जनता पार्टी भी तो बना सकता था । मोदी जी वाला मगरमच्छ का बच्चा । अब तक तो जनता रूपी गजराज को समुद्र में घसीट ले जाने लायक बड़ा हो गया होता । लेकिन नहीं, रहा वही का वही कॉकरोच । जरा की आवाज हुई, लाइट जली तो फिर भयभीत होकर किसी नाली या दरार में गायब ।
हमने कहा- लेकिन यह नई पार्टी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ हो तो बहुत पोपुलर रही है । दो दिन में ही चालीस हजार हो गए । वैसे अगर कॉकरोच जनता पार्टी न बनाओ तो भी इस देश में बहुमत कॉकरोचों का ही है । काँवड़ लाने वाले, मस्जिदों के आगे डी जे बजाने वाले, गौरक्षक सब कॉकरोच से अधिक कुछ नहीं हैं । और हम तो कहते हैं ये राज्यसभा में जाने के लिए, अपने बच्चों को नौकरी दिलवाने के लिए गटर में उतरने वाले जज भी कॉकरोच से ज्यादा कुछ नहीं हैं । रात ढले बचा खुचा भोजनखाने वाले निर्देशक मण्डल के सदस्य भी हमें तो कॉकरोच ही लगते हैं ।
बोला- वैसे एक बात तो है मास्टर, कॉकरोच उड़ भी लेते हैं ।
हमने कहा- लेकिन धर्म और राष्ट्रवाद की ‘लक्ष्मण रेखा’ को पार करना किसी भी कॉकरोच के लिए संभव नहीं ।और उन्हें पार किए बिना कोई भी सार्थक परिवर्तन संभव नहीं ।
अगर कोई कॉकरोच मुफ़्त का माल खाकर बहुत मोटा हो जाए और उसका सीना 56 का हो जाए तब भी अगर वह सच के उजाले का सामना नहीं कर सके तो वह कॉकरोच ही माना जाएगा । महात्मा गाँधी नहीं हो जाएगा ।
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन ।
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Jhootha Sach