Sep 12, 2026

11-09-2026 अभी तो मैं जवान हूँ


11-09-2026  

अभी तो मैं जवान हूँ  

 

 

 

आज सीकर में नगर परिषद के चुनाव के मतदान का दिन है ।  

 

तोताराम चाय के समय नहीं आयाहम आराम् से चाय पीकर अखबार में खबरें ढूँढ रहे थे और हमेशा की भाँति खबरों कोमिलना था सोमिलींहर पेज पर कोई कलश यात्रा या फिर कमल खिलाने के लिए फैला हुआ कीचड़ ।  

 

तभी अनपेक्षित रूप से तोताराम प्रकट हुआ, बोला- फटाफट कुर्ता डाल लेठंड ठंड में निबटा आयें लोकतंत्र का कर्मकांडवैसे जो होना है वह सबको पता हैअगर अपने वाला नहीं खिला तो किसी का खिला खिलाया उठा लाएंगे ।  

 

हमने कहा- हम अब अति वरिष्ठ नागरिक हैं और मोदी जी हमारा उसी तरह सम्मान करते हैं जैसे आडवाणी जी काजैसे उन्हें  घर जाकर भारत रत्न दे आए वैसे ही हम पिछले दो चुनावों से घर पर वोट डालते हैं ठाट सेपूरी पोलिंग पार्टी आती हैबिना सील लगा बैलेट बॉक्स, दो तीन चुनावी कर्मचारी , एक पुलिस वालावी आई पी ट्रीटमेंट ।  

 

बोला- अब वह व्यवस्था नहीं हैअब मोदी जी जेन जी और जेन अल्फा हो गए हैंमेट्रो में बच्चों  से राहुल गांधी शैली में संवाद कर  रहे हैंहम उनसे कोई 7-8 साल ही तो बड़े हैंअब हमें 84-85 का होने का नाजायज लाभ उठाने की इजाजत नहीं हैअब 55 से ऊपर जाने की सुविधा नहीं हैअब तो स्मार्ट बनना पड़ेगाबड़ोदरा नहीं तो बरामदे में ही कोईबुक माई शोजैसा कुछ करना पड़ेगा ।  

 

हमने कहा- भई, मोदी जी 50 हजार रुपए किलो का मशरूम खाते हैंजवानी लौटकर नहीं आएगी ? पहले जब भिक्षाटन किया करते थे तब स्वदेशी पद्धति से अपना ही थूक मलकर ग्लो पैदा कर लिया करते थेवैसे आजकल पता नहीं क्यों दुनिया में नकली तरह से स्मार्ट और जवान दिखने की बीमारी चल रही हैहमारे यहाँ तो बुजुर्गों का बहुत सम्मान रहा हैगांधी जी नेकभी नकली बत्तीसी लगवाई औरही डिजाइनर कपड़े पहने, यहाँ तक कि आधी धोती में ही ब्रिटेन के राजा से मिलने चले गएकहा भी है 

सा सभा यत्रसन्ति वृद्धाः, वृद्धाते येवदन्ति धर्मम् 
धर्मः स नो यत्रसत्यमस्ति, सत्यंतद्यच्छलमभ्युपैति 

 

बुजुर्ग ही सत्य और धर्म का मार्ग प्रशस्त करते हैंबचकानी हरकतें करके तमाशा नहीं बनतेऔर कहा गया है कि उम्र में बड़ा तो शूद्र भी आदरणीय होता है ।  

 

बोला- फिर मोदी जी तो तरह तरह के धार्मिक वेश धारण करते हैं, तिलक छापा भी करते हैं,   भले ही मणिपुर जाने का समयनिकाल पाएं लेकिन नियमित रूप से तीर्थ स्थानों में जाते रहते हैं  । लेकिन बाहर ट्रम्प और घर में यह राहुल कुछकुछ ऐसा करते रहते हैं कि मजबूरन सींग कटवाकर बछड़ा बनना पड़ता हैहो सकता है कल काले बाल करके टी शर्ट में नजर आना पड़े । वेश्या और चुनाव में नेता की बड़ी मज़बूरियाँ  होती हैंबाद में भले ही आशिक और मतदाता के कपड़े ही उतरवा ले ।  

अब चलनाा है तो चलनहीं तो मैं निकलता हूँभले ही आज वोट और चुनाव का कोई अर्थ नहीं रह गया हैपता नहीं कब जीता जिताया किस स्वार्थ में कहाँ चला जाएफिर भी..  

हमने कहा- तो फिर रुक, कुर्ता डाल लेते हैं और अक्कड़ बक्कड़ करके आँख मींचकर बटन दबा देंगेआगे भगवान जाने और लोकतंत्र ।  

फिर भी इस जेन जी के चक्कर में मोदी जी के अतिरिक्त उत्साह से हमें चिंता होने लगी हैतुझे याद हैं, बचपन में अपने मोहल्ले एक मगजी पंडित हुआ करते थेपत्नी जवानी में गुजर गई थी और दूसरी शादी हुई नहीं, वे जीवन भर खुद को जवान ही समझते रहेएक दिन बच्चों को लंबी कूद कूदते देखकर कर खुद ने भी प्रदर्शन किया और टांग तुड़वा बैठे थेऔर जब मजाक में भी कोई बच्चा लंबी कूद की बात कर देता तो गालियां निकालने लगते थे ।  

 

बोला- मोदी जी बहुत एहतियात रखते हैंगंगा में स्नान भी कपड़े पहनकर और साँकल पकड़ कर करते हैं ।  


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