12-07-2026
बिना फिल्म का ट्रेलर
(केपशन हटा देंगे )
आज सुबह सुबह तोताराम प्रकट हुआ । माथे पर बड़ा सा तिलक और चंदन का लेप, हाथ में कई रंग के कलावे, गले में भगवा पटका, अंगुलियों में अनेक अंगूठियाँ । कुल मिलाकर भाजपा का पोस्टर । ऊपर से नीचे तक संस्कारी और राष्ट्रीय ।
हमने पूछा- सितंबर में नगर परिषद के चुनाव हैं । कहीं टिकट के जुगाड़ में लिए तो नहीं चल दिया । याद रख आजकल टिकट योग्यता के आधार पर नहीं दिए जाते बल्कि बेचे खरीदे जाते हैं जिससे अगर उम्मीदवार हार भी जाए तो उसके पैसे से दूसरी पार्टी के जीते हुए उम्मीदवार को खरीदा जा सके ।
बोला- मैं सच्चा स्वयंसेवक हूँ । मुझे कोई पद या टिकट नहीं चाहिए । मैं तो ' यमुना जल वंदन अभियान’ में भाग लेने के लिए जा रहा हूँ ।
हमने कहा- अब कौन रैदास बचा है जिसके कठौते में गंगा चल कर आ जाएगी । अब तो यमुना नहाने लायक भी नहीं बची । सड़ता हुआ गंदा नाला रह गई है । पिछली बार रेखा गुप्ता ने मोदी जी के लिए यमुना तट पर छठ स्नान हेतु साफ पानी भरकर एक अलग एक घाट बनवाया था । जब भांडा फूटा तो झेंप के मारे मोदी जी ने स्नान का कार्यक्रम केंसिल कर दिया था ।ऐसे में तू किस यमुना जल का वंदन करने जा रहा है ? क्या यमुना जल सीकर आ पहुँचा ?
बोला- 32 वर्षों बाद जाकर कहीं ऐतिहासिक यमुना जल समझौता हुआ है । नेहरू जी ने होने ही नहीं दिया । बड़ी मुश्किल से मोदी जी किसी तरह कुछ करवाया है ।
हमने कहा- 32 वर्ष पहले तो संघ और भाजपा में भैरों सिंह शेखावत ही थे मुख्यमंत्री । कर लेते समझौता । खैर, बड़ी जल्दी समझौता हो गया और पानी भी आ गया ।
बोला- अभी कहाँ ? अभी तो समझौता हुआ है । प्लान बनेगा, कमीशन ते होगा, ठेका छूटेगा, काम शुरू होगा, दस-बीस बार पाइप लीक होंगे फिर कहीं पानी आएगा । लगता है हमारे जीते जी और मोदी जी 2047 के शताब्दी प्लान के अंत कुछ हो तो हो । 34102 करोड़ की योजना है । 295 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइप बिछेगी ।
हमने कहा- जब अच्छे दिन और 15 लाख खाते में आने जैसा ही अनादि-अनंत कार्यक्रम है तो क्यों बिना बात क्यों फुदक फुदक कर अनुराग ठाकुर हुआ जा रहा है । मायावती और उमा भारती की तरह चुपचाप बैठ ।
बोला- नहीं, कार्यक्रम शुरू हो चुका है ।
हमने पूछा- मतलब ?
बोला- मतलब भूतपूर्व सांसद और कुछ काँवड़िए टाइप छुटभैये हरियाणा के यमुनानगर जिले के हथिनी कुंड बैराज से 2000 हजार लीटर पानी लाए हैं । उस पानी से सीकर, झुंझुनू और चूरू जिले मंदिरों में अभिषेक करेंगे । इस कार्यक्रम को ‘यमुना जल वंदन अभियान’ नाम दिया गया है ।
हमने कहा- तोताराम, कुछ भी हो इस मामले में तो तुम्हारी पार्टी को मानना पड़ेगा । काम कुछ हो न हो; नाम ऐसा देंगे कि गर्व के भूख-प्यास भाग जाती है । हमें तो चलना नहीं है लेकिन तू इस नाटक में शामिल भले ही हो जा लेकिन उस जल का आचमन मत कर लेना । जहां राम की पादुकाएं चोरी हो जाती हैं, जहां प्रसाद में चर्बी की मिलावट कर दी जाती है वहाँ किसे पता यहीं के माधव सागर तालाब का पानी भरकर अभिषेक कर रहे हों । भगवान तो खैर न भोग लगाते हैं और न ही आचमन करते हैं । और पी भी लिया तो भगवान है पचा जाएंगे लेकिन तुझे जरूर पेचिश हो जाएगी ।
पहले फिल्म बनाने के बाद सिनेमा हाल में उसके ट्रेलर दिखाए जाते थे लेकिन आजकल ईवेंट मनेजमेंट की राजनीति है जिसमें फिल्म का नाम ध्यान में आते ही ट्रेलर दिखाया जाने लगता है । यह भी उसी तरह का ट्रेलर है ।
बिना फिल्म का ट्रेलर ।
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