30-06-2026
हड़बड़ी में गड़बड़ी
हमने कहा- तोताराम, जल्दी का काम शैतान का ।
बोला- मतलब ?
हमने कहा- झूठ नहीं कहा है कि सहज पके सो मीठा होय लेकिन जिसे अपने कर्मों पर विश्वास नहीं होता और जो ईवेंट मनेजमेंट के सहारे अपनी इमेज बनाता है वह जल्दी करता है और उसी चक्कर में अपनी भद्द पिटवाता है ।
बोला- यह, वह, जो, उस आदि में लपेट कर बात मत कर । साफ साफ बता ।
हमने कहा- जैसे चुनावी लाभ लेने के लिए शिखर के बिना ही प्राणप्रतिष्ठा कर दी गई तो राम मंदिर का गर्भगृह टपकने लगा कि नहीं ? 400 पार वाले 240 पर अटक गए और जिस राम के राज में-
बिधु महि पूर मयूखन्हि रबि तप जेतनेहि काज।
मांगें बारिद देहिं जल रामचंद्र कें राज॥
इस दोहे अर्थ है कि राम जी के राज में चंद्रदेव अपनी अमृतमयी किरणों से पृथ्वी को परिपूर्ण रखते हैं। सूर्य देव केवल उतनी ही गर्मी देते हैं, जितनी वर्षा या अन्य कार्यों के लिए आवश्यक होती है। बादल भी ऐसे हैं जो केवल मांगने पर और आवश्यकता के अनुसार ही जल बरसाते हैं, अर्थात वहां अतिवृष्टि या अनावृष्टि जैसी कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है।
लेकिन आज कट्टरता की राजनीति तथा मूर्खता और स्वार्थपूर्ण विकास के कारण स्थिति यह हो गई है कि गरमी भयंकर और दूर दूर तक बरसात नहीं । अल्पवृष्टि का खतरा मंडरा रहा है । जहाँ तहाँ सड़कें और पुल टूट रहे हैं । इतनी सुरक्षा और संस्कारी लोगों के ट्रस्ट, व्यवस्था में होते हुए राम लला की पादुकाएं चोरी हो गईं । और बुलडोज़र चलेगा 100 मीटर का प्लॉट खरीदने वाले लवकुश पर । हो सकता है कल को यह सिद्ध कर दिया जाए कि चोरी-वोरी कुछ नहीं हुई है बल्कि राम लला के बेटों लव कुश ने सुरक्षा की दृष्टि से सामान एक बैंक लाकर में रखवा दिया था ।
हड़बड़ी का एक और ताज़ा उदाहरण देख ले । 1400 करोड़ की सहायता के बदले एक सम्मान लिया उसमें भी तीन गलतियाँ ।
बोला- तू यहाँ बरामदे में बैठा नितंबों से सुपारी फोड़ता रहता है । देश दुनिया को संभालना पड़े तो पता चले । जहाँ 240 पर अटकने की बात है तो राम के चढ़ावे और चंदे के बल पर पंजाब, बंगाल और महाराष्ट्र में खरीद-फरोख्त करके 400 पार भी हो जाएंगे ।
हमने कहा- तो फिर पीयूष गोयल को नंबर बढ़वाने के लिए सम्मान का ड्राफ्ट फाइनल होने से पहले ही इसे अपने ट्विटर पर डालने की क्या जरूरत थी ? चल, एक और उदाहरण देते हैं । 2018 में पटेल की मूर्ति के उद्घाटन के विज्ञापन में 8-10 गलतियाँ थीं । और नया उदाहरण ओडिशा की स्कूली पाठ्य पुस्तकों का जिनमें कई हजार गलतियाँ है ।
बोला- ये छोटी-मोटी बातें हैं । शेक्सपीयर कहते हैं नाम में क्या रखा है । सम्मान तो सम्मान है । मोदी जी ट्रम्प को ‘डोलांड’ कहते हैं और वह इन्हें ‘मोडी’ कहता है जो कि सही नहीं है लेकिन प्रेम में कोई कमी हो तो बता ।विदुर की पत्नी कृष्ण को देखकर इतनी भावविह्वल हो गई कि केलों की गिरी नीचे गिराकर कृष्ण को केले के छिलके खिलाती रही । रीतिकाल के कवि बिहारीलाल ने नायिका की अत्यधिक उत्सुकता बड़ा ही मनोवैज्ञानिक और सुंदर चित्रण किया है जो नायक के आने का समाचार सुनकर इतनी हड़बड़ी में होती है कि पैरों में लगाने वाला महावर आँखों में और आँखों में लगाने वाला काजल पैरों में लगा लेती है।
बिहारी का वह दोहा इस प्रकार है:
काजरु दै अँखियान में, रह्यो महावरु भाल।
तिय-उतावली आँगने, करी अनूपम चाल॥
-रमेश जोशी
पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
No comments:
Post a Comment