Nov 7, 2026

07-11-2026 रूप चौदस बनाम नरक चौदस


07-11-2026  

रूप चौदस बनाम नरक चौदस  

 

 

अखबार में पढ़कर ही पता चलता है कि आज मोदी जी केदारनाथ की गुफा में ध्यान कर रहे हैं या रामेश्वरम में मौन व्रत साध रहे हैं; किसी गुरुद्वारे में लंगर में कड़ाह में कड़छुल चला रहे हैं या कब किसी जेन जी के कार्यक्रम में खंजड़ी बजा रहे हैं । ऐसे ही राहुल । आज कहीं छात्रों की गूंज में गुंजायमान रहे हैं तो अगले दिन अमेरिका में किसी गेदरिंग को संबोधित कर रहे हैं । लेकिन हम तो जब भी तोताराम से संवादरत होते हैं तो पाठकों को सारी लोकेशन का पता चल जाता है । आजकल बंगलुरु में हैं तो संवाद कुछ-कुछ उसी शैली में होता है जैसे मोदी जी के मन की बात । फ़र्क बस इतना है कि मोदी जी के मन की बात में विभिन्न कोणों पर अनेक कैमरे लगे होते हैं, प्रश्न पहले से तय होते हैं । फिर वीडियो रिकार्डिंग की एडिटिंग होती है, फिर महिने के तय या अंतिम दिन उसका प्रसारण किया जाता है जैसे  रणवीर की रामायण पूरी तैयारी और धूम धड़ाके से रिलीज हो रही है । सब कुछ फिटफाट । और हमारा संवाद उतना ही हो पाता है जितनी क्षमता जियो और एयरटेल की कृपा से बीएसएनएल  के नेटवर्क में बच पाती है । मतलब यहाँ बीएसएनएल का नेटवर्क उसी तरह मिलता है जैसे साल भर  ‘कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले’ के हल्ले के बाद जैसा और जितना डीए मिलता है ।  

हमारे लिए हमेशा की तरह आज भी कुछ करने को नहीं था फिर भी सोचा, त्योहार के नाम पर बच्चों के लिए कुछ न कुछ तो अतिरिक्त काम होगा ही सो अपना काम निबटाने की दृष्टि से कोई साढ़े सात बजे नहाने चले गए ।इस दौरान कई बार बजकर फोन बंद हो गया । बाहर आकर देखा तो पता चला कि तोताराम का फोन था । जवाब देने की कोशिश की तो नेटवर्क संसद कार्यवाही की तरह बाधित ।  

किसी तरह कोई नौ बजे बात हुई तो तोताराम का खीज भरा उत्तर आया-  बहुत व्यस्त हो गया बंगलुरु में जाकर ! दो घंटे से फोन नहीं उठा रहा । ज्यादा नखरे दिखा रहा है ! अरे, अब तो जिस ट्रम्प से मिलने के लिए मोदी जी को परमीशन लेनी पड़ती थी वह, मैं करूँ तो मेरा फोन तक उठा लेता है । यह बात और है कि मेरे पास उसका नंबर नहीं है ।  

हमने कहा- बंधु, इस तरह नाराज होने से पहले हमारी भी सुन लेता । पहले हम नहाने गए थे और उसके बाद नेटवर्क डिस्टर्ब्ड ।  

बोला- मैं तो समझा कहीं तुझे बुढ़ापे में ‘रूप चौदस’ की सनक तो सवार नहीं हो गई ।  

हमने कहा- सनक की बात अलग है लेकिन सजधजकर रहने में बुराई भी क्या है । फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के निजी हेयर ड्रेसर (नाई) की तनख्वाह €9,895 (लगभग 10,900 डॉलर या भारतीय रुपये में करीब 7 लाख से 7.35 लाख रुपये से अधिक) प्रति माह थी। साल 2016 में फ्रांस के एक खोजी अखबार Le Canard Enchaîné ने इस बात का खुलासा किया था ।  

 

बहुत से हीरो विग लगाते हैं, बहुत से सेलेब्रिटीज़ बाल रँगते हैं, पब्लिक में आने से पहले पूरा मेकअप करवाते हैं, पचास बार शीशा देखते हैं, अलग-अलग कोणों पर कैमरे रखवाते हैं तब कहीं प्रकट होते हैं । क्या कभी तूने मोदी जी या अमिताभ बच्चन की दाढ़ी का एक भी बाल इधर-उधर देखा ? मोदी जी को कभी एक ड्रेस और एक स्टाइल में दो बार देखा ?  

रूप चौदस के नाम पर हमने केवल दाढ़ी बनाई है वह भी पुराने ट्रिमर से जिससे बनी ताज़ी दाढ़ी भी दो दिन पुरानी लगती है ।   

बोला- वैसे यह भी याद रखा जाना चाहिए कि रूप चौदस को नरक चौदस भी कहते हैं ।  

हमने कहा- जो लोग रूप को स्थायी मानते हैं, आत्ममुग्ध होते हैं, अपने में ही  उलझे रहते हैं वे कभी सहज नहीं हो पाते और कुल मिलाकर दुखी रहते हैं । इसका उदाहरण है नार्सीसस ।  

क्या महावीर, बुद्ध, लिंकन, मार्क्स, गांधी, अब्दुल गफ्फार खान, पटेल किसी सिकंदर और सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली, मदर टेरेसा, मेधा पाटकर, नेहा बोरा किसी ऐश्वर्या राय से कम सुंदर लगती हैं ।  

कर्म, सत्य और सादगी सबसे बड़ा व स्थायी सौन्दर्य  है ।  

 

  


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