25-07-2026
प्रायश्चित और सुविधा
तोताराम ने आते ही कहा- राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कल समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की पवित्रता और गरिमा की पुनर्स्थापना के लिए मंदिर परिसर और विभिन्न गुरुकुलों में 10 दिवसीय विशेष प्रायश्चित एवं शुद्धिकरण अनुष्ठान शुरू किया है ।
जबकि योगी जी ने चेतावनी देते हुए कह दिया है कि हिन्दू धर्म के विरोधी और राम के आलोचक जो न दर्शन करने आए और न ही एक पैसा चन्दा दिया वे कोर्ट का फैसला आने तक चोरी-चोरी का शोर मचाकर राम को बदनाम न करें ।बहुत से संस्कारी हिंदुओं ने भी कह दिया है कि यह राम और राम भक्तों के बीच का मामला है कुछ कुछ वैसे ही जैसे पी एम केयर फंड का हिसाब उसकी केयर करने वाले पी एम पर ही निर्भर है । कोई भी ऐरा-गैरा उसका हिसाब या फंड देने वाले सज्जनों के नाम नहीं जान सकता ।
हमने कहा- तोताराम, यह तो बहुत ही गर्व की बात है । किस धर्म में हैं सत्य, न्याय और ईमानदारी का आचरण करने वाले ऐसे लोग ? बिना किसी दबाव के अंतरात्मा की आवाज पर ही प्रायश्चित ! और ब्राह्मणों का प्रायश्चित ! बहुत भयंकर होता है । मुल्ला जी की तरह ईमानदारी का नाटक नहीं ।
बोला- मुल्ला जी का क्या नाटक है ?
हमने कहा- इस्लाम में कहा गया है कि अगर तुम्हें रास्ते में कोई चीज पड़ी मिले तो तीन बार आवाज लगाइए कि मुझे अमुक अमुक चीज पड़ी मिली है । जिसकी भी है वह आकर् ले जाए लेकिन इस हिदायत का पालन अलग अलग परिस्थितियों में अलग अलग तरह से करते हैं । कोई फालतू सी चीज हो तो दस लोगों को इकट्ठा करके मजमा लगाएंगे और अगर कोई कीमती चीज हुई तो दो बार ओठों में बुदबुदाकर चुपके से जेब में रख लेंगे । लेकिन चलो राम मंदिर से जुड़े सत्यवादी ब्राह्मण हैं तो प्रायश्चित भी मनु स्मृति के अनुसार पूरे विधि-विधान से करेंगे । मनुस्मृति में ब्राह्मणों के लिए अपेक्षाकृत दंड के कठोर विधान हैं जैसे यदि कोई
ब्राह्मण शराब पीता है तो उसके मुख में जलती हुई लोहे की तप्त मदिरा डाल देनी चाहिए। ब्राह्मण को इस पाप से तभी मुक्ति मिल सकती है जब उसका शरीर जलकर नष्ट हो जाएगा।"
सुरां पीत्वा द्विजो मोहादग्निवर्णां सुरां पिबेत् ।
तया स काये निर्दग्धे मुच्यते किल्बिषात् ततः ॥
इसी तरह सोने की चोरी करने पर जहां शूद्र के लिए उसके मूल्य का आठ गुणा, वैश्य को सोलह गुणा, क्षत्रिय को बत्तीस गुणा, ब्राह्मण को चौसठ गुणा और राजा को सौ गुणा दंड दिया जाना चाहिए ।
वैसे तुझे यदि प्रायश्चित के बारे में कुछ पता हो तो बता ।
बोला- मंदिर की पवित्रता और शुद्धि के लिए 10 दिनों का विशेष अनुष्ठान शुरू किया है। इस प्रायश्चित पूजा के तहत परिसर व विभिन्न गुरुकुलों में प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम के कम-से-कम 251 पाठ और वाल्मीकि रामायण का पाठ कराया जा रहा है । इसमें लगभग 70 वैदिक आचार्य और संत शामिल हैं ।
हमने कहा- ये तो मुल्ला के भी बाप निकले । हजारों करोड़ की चोरी और 10 दिन तक विष्णुसहस्रनाम के झूठे सच्चे पाठ करो और पाप मुक्ति । ब्राह्मणों का क्या । घर के नियम कानून हैं चाहें तो एक बार अपने बेटे नारायण का नाम लेने पर अजामिल का उद्धार करवा दें और चाहें तो जरा सी बात पर हजारों वर्ष के नरक दंड दिलवा दें ।
जब खलीफा अपने बेटे की कुर्बानी देते हैं तो तलवार दुम्बे पर पड़ती है और मकरध्वज का बेटा आरी से काट दिए जाने के बावजूद आवाज लगते ही दौड़ा चला आता है लेकिन पन्ना धाय का बेटा चंदन नहीं लौटता ।
निर्जला एकादशी को भी पानी नहीं पियेंगे लेकिन चाय के नाम से गली निकाल लेंगे ,
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
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