2026-03-17
मोदी जी और असंवैधानिकता
आज जैसे ही तोताराम आया हमने उसे लपक लिया, पूछा- यह क्या हो रहा है मोदी जी के राज में ?
बोला- क्या हो रहा है ? सब ठीक तो चल रहा है । गैस की कोई किल्लत नहीं, कानून व्यवस्था दुरुस्त, दुनिया में डंका । और क्या चाहिए ?
हमने कहा- मोदी के लोकसभा क्षेत्र में संविधान का उल्लंघन जो हो रहा है ।
बोला- और किसी की बात तो मैं नहीं कह सकता लेकिन मोदी जी के रहते और चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन संविधान का उल्लंघन नहीं हो सकता । क्या कभी तू ने भारत के किसी प्रधानमंत्री को संसद की सीढ़ियों पर इस माथा टेकते देखा था ? और अब तो उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए संसद में सेंगोल भी रखवा लिया है । वह सेंगोल जिसे नेहरू जी ने संग्रहालय में रखवा दिया था और कुछ राष्ट्रप्रेमियों के अनुसार वे जिसे वॉकिंग स्टिक के रूप में काम में लिया करते थे । जो भी संविधान की ओर आँख उठाकर भी देखेगा मोदी जी इसी सेंगोल से उसकी ठुकाई कर देंगे ।
हमने कहा- लेकिन सेंगोल तो राजदंड का प्रतीक है, लोकतंत्र का नहीं । और फिर जब मोदी जी लोगों को संविधान की ओर आँख उठाकर भी नहीं देखने देंगे तो लोग उसे पढ़ेंगे कैसे ? और पढ़े बिना उस पर आचरण कैसे करेंगे ? फिर तो जो मोदी जी बताएंगे वही संविधान माना जाएगा ।
बोला- मास्टर, बात को इधर उधर नहीं भटकाना चाहिए । बात संविधान के उल्लंघन की हो रही थी तो बता मोदी जी ने कैसे संविधान का उल्लंघन किया या करवाया ?
हमने कहा- हमारे संविधान में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात कही गई है लेकिन जब मोदी जी के चुनाव क्षेत्र बनारस में कुछ जिज्ञासु बालक नाली पर गैस का चूल्हा रखकर चाय बनाने का प्रयोग कर रहे थे तो पुलिस ने उनके बर्तन भांडे छीन लिए और भगा दिया । अगर ऐसे ही हम बच्चों की जिज्ञासा का दमन करते रहेंगे तो देश में विज्ञान का विकास कैसे होगा ?
बोला- विज्ञान का विकास तो इस देश में बहुत पहले से ही हुआ हुआ है । वेदों का अध्ययन करना चाहिये और यूरोप वालों के निकाल लेने के बाद अगर कुछ बचा हुआ है तो पहले उसे निकालना चाहिए इससे पहले कि ये ईसाई लोग उसे निकाल कर यूरोप ले जाएँ । यह नाली वाला तो कहीं भागा जा रहा है क्या ? इसे तो कभी भी निकाल लेंगे ।
वैसे भी राष्ट्रवादी पार्टी होने के कारण भारतीय ज्ञान परंपरा पर भाजपा का एकाधिकार है । देख ले प्रमाण-
भारतीय ज्ञान परंपरा
BHARATIIYA JNYAN PARAMPARA
B J P
भा ज पा
हमने कहा- तोताराम, यह तो तूने बिल्कुल मोदी जी वाला ज्ञान पेल दिया । लेकिन बच्चों को इस तरह हतोत्साहित करना भी तो उचित नहीं । इससे वैज्ञानिक सोच का विकास रुकता है ।
बोला- ठीक है लेकिन इससे अराजकता फैलने का भी तो डर है । इस आविष्कार का तो मोदी जी का पेटेंट है । यह नियमों का उल्लंघन है ।इस प्रकार गैस बनाने से पहले मोदी जी से पूछना चाहिए या फिर नियमानुसार सरकार को रॉयल्टी देनी चाहिए । इस प्रकार ये अराजक तत्व आज नाली से बिना रायल्टी दिए गैस बना रहे हैं, कल को बिना रायल्टी दिए कहीं भी कुएं खोदकर तेल निकालने लग जाएंगे । नाली और नाली में प्रवाहित होने वाला सनातन पदार्थ राष्ट्र की संपत्ति है । यह राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी का मामला भी बनता है । इससे पहले भी इनका वह नेता राहुल गाँधी सारे देश में मोहब्बत की दुकानें खोलता फिर रहा था लेकिन आज तक सरकार को न जी एस टी दिया और न ही जमीन को रेसिडेन्शियल से बिजनेस में कन्वर्ट करवाया । थोड़े दिन रुक जा उस पर भी इनकम टेक्स और अतिक्रमण का केस किया जाएगा ।
वैसे जब तक यह गैस उत्पादक खाद्य पदार्थ किसी के पेट में है तब तक व्यक्ति का है लेकिन गटर में प्रवाहित होने के बाद वह राष्ट्र की संपत्ति हो जाता है । अगर किसी को व्यक्तिगत रूप से गैस बनानी है तो उसे अपने आगे-पीछे पाइप लगाकर अपने घर में ही गैस बनानी चाहिए । इस तरह नाली पर सामान रखकर सड़क रोकना अतिक्रमण है । यह तो योगी जी दयालुता है जो बुलडोज़र नहीं चलवाया । देखा किस प्रेम और शालीनता से मुसकुराते हुए सामान ले जा रहे हैं ।
-रमेश जोशी
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