नमो मगरमच्छ मनेजमेंट मिशन
तोताराम एक छोटी सी बोतल लाया जिसमें एक छोटा सा जीव था चार पैर वाला ।
बोतल को हमारे सामने रखते हुआ बोला- यह क्या है ?
हमने कहा- जब तू लाया है तो पता भी तुझे ही होना चाहिए कि यह क्या है ।वैसे तू जो कहे वही सही ।
बोला- यह भी कोई उत्तर है । लगने को क्या है ? इस तरह से तू मुँहदेखी भी तो कह सकता है ।
हमने कहा- हाँ, हो सकता है जैसे कि मोदी जी जहाँ भी जाते हैं कोई रिश्तेदारी निकाल लेते हैं । इज़राइल से हमारा कोई लेना देना नहीं है और रिश्तेदारी का तो सवाल ही नहीं उठता फिर भी मोदी जी कह बैठे कि इज़राइल फादरलैंड है और भारत मदरलैंड है । सभी देशों के लोग अपने देश को फादरलैंड मदरलैंड कुछ भी तो कहते हैं । इज़राइल की तरह जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड आस्ट्रिया आदि भी अपने देश को फ़ादरलैंड कहते हैं । हमारे हिसाब से मदरलैंड ज़्यादा सही है क्योंकि मदर कभी संदेहास्पद नहीं हो सकती । बाप का क्या है ? जो भी ताकतवर आकर देश पर कब्जा कर लेता है वही बाप बन बैठता है । हालाँकि मोदी जी का ऐसा कोई विचार भी नहीं था लेकिन लोगों को अनर्थ करने का मौका मिल गया । कल को पूछने लगेंगे कि अब हमारा मौसालैंड, फूफालैंड, चाचालैंड , नानालैंड भी बताओ ।
वैसे हमें तो यह एक मरियल छिपकली लगती है ।
बोला- नहीं, तेरा अनुमान गलत है । यह छिपकली नहीं, एक मगरमच्छ है ।
हमने कहा- हो सकता है कुछ और हो । इसे निकालकर पेड़ पर रखकर देख ।अगर रंग हरा हो जाए तो गिरगिट है क्योंकि गिरगिट भी मौके के अनुसार रंग बदल लेता है ।
बोला- यह मगरमच्छ है ।
हमने कहा- अगर मगर से क्या होता है और अगर मगर है तो फिर यह कुपोषित है। हो सकता है इसके हिस्से का पोषाहार कोई अधिकारी खा गया हो ।
बोला- यह शीघ्र ही विष्णु के मत्स्यावातार की तरह बड़ा हो जाएगा । और जैसे विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर मनु के नेतृत्व में जल प्रलय से सृष्टि को बचाया था वैसे ही यह बंगलादेश से जुड़ी भारत की जल सीमा वाले क्षेत्र में तैनात होकर अवैध घुसपैठ को रोकेगा ।
हमने पूछा- वैसे ऐसी अद्भुत योजना है किस चाणक्य के दिमाग की उपज ?
बोला- सही पहचाना । यह चाणक्य के अवतार अमित शाह जी के दिमाग की उपज है । डंकी रूट से अमेरिका में घुसने वालों को रोकने के लिए ऐसी योजना तो ट्रम्प के दिमाग में भी नहीं आई । लेकिन यह वर्तमान में छिपकली और भविष्य का मगरमच्छ बंगलादेश वालों को कैसे पहचानेगा ?
बोला- यह गुजरात के उसी मगरमच्छ के परिवार से है जिसके बच्चे को मोदी जी बचपन में पकड़कर घर लाए थे ।
यह भी उनकी तरह बंगलदेशियों को उनके कपड़ों से पहचान लेगा ।
हमने कहा- तो फिर अयोध्या, बनारस आदि के मंदिरों के ठेकों की तरह सीमा सुरक्षा बल में गुजरात मे मगरमच्छों का 100% रिजर्वेशन पक्का ।
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
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