24-04-2026
तीन में न तेरह में
आज जैसे ही तोताराम आया तो उसके बैठने से पहले ही हमने कहा- अब 4 मई को ही बात करेंगे ।
बोला- क्यों, मैं क्या कोई तेरा झालमुड़ी में खरीदा हुआ वोटर हूँ जो इस तरह दुत्कार रहा है । और लानत है तुझ पर जो मदर ऑफ डेमोक्रेसी वाले चरित्रवान देश के एक बुजुर्ग मतदाता को इस तरह अपमानित कर रहा है । न तो मोदी जी बंगाल के मतदाताओं को इतना टुच्चा समझते हैं और न ही बंगाल की अस्मिता को । वे तो बंगाल के दीवाने हैं । उनका तो बंगाल से की जन्मों का नाता है । इसीलिए जिस इलाके में झालमुड़ी खाई उसमें आचार संहिता लागू हो गई तो गंगा में नौका विकार करने लगे लेकिन बंगाल नहीं छोड़ा और फोकस में बने रहे ।
वैसे मैं चाय नहीं पीने वाला हूँ । अभी लूज मोशन की दवा चल ही रही है ।आमाशय की एप्सटीन फ़ाइल के पुनः लीक हो जाने की रिस्क नहीं ले सकता । मैं तो सोच रहा हूँ कि कोलकाता निकल जाऊँ । और 4 मई को मोदी जी के कर कमलों से कुछ मिठाई और झालमुड़ी ग्रहण करूँ क्योंकि वह बहुत शुद्ध सात्विक होगी । उससे किसी तरह की लीकेज की संभावना नहीं रहेगी ।
हमने कहा- चला जा लेकिन रहना सावधान क्योंकि कुछ भी हो सकता है । क्या पता जीत भी जाएँ और पानी के लिए भी न पूछें क्योंकि मोदी जी और शाह जी का इतिहास ऐसा ही रहा है । 2014 में वोट देकर लोग अब तक 15 लाख और अच्छे दिन के लिए आँखें फाड़े हुए हैं । हमें तो ये लोग विश्वसनीय लगते नहीं । मन हो तो अनुराग ठाकुर वाली सात्विक मछली भी टेस्ट कर सकता है । एक पुलिस अधिकारी ने बड़े प्रेम से वहाँ पुलिस का कर्तव्य समझाया है कि सही तरीके निबटेंगे । देश पुलिस का गलत तरीका ही जानती है । अब सही इससे और कितना खतरनाक होगा, पता नहीं । वैसे सही तरीका लोगों ने अतीक अहमद और विकास शुक्ला के समय कुछ कुछ देख तो लिया था ।
बोला- कोई बात नहीं । और कुछ नहीं तो इस गर्मी में गंगा में नौका विहार ही कर आऊँगा । अभी तो मोदी जी वाली नाव वहीं लगी हुई होगी ।
हमने कहा- एक बात तो हैं तोताराम, मोदी जी दिल्ली में छठ पूजा के समय यमुना में स्नान का साहस तो नहीं जुटा सके हालाँकि रेखा गुप्ता ने उनके लिए एक नई और स्वच्छ यमुना और घाट बनवा तो दिए थे लेकिन लोक प्रवाद की भी ताकत होती है जिसके चलते मोदी जी छठ स्नान नहीं कर सके । चलो, अब गंगा स्नान कर लिया । न सही गंगा पुत्र की गंदी गंगा, दीदी की साफ सुथरी हुगली ही सही । हमने तो आज से कोई 45 साल पहले देखी थी हुगली । तब लोग इसमें नहाते नहीं थे । इसका पानी हरिसन रोड़ और बड़ा बाजार की सड़कें धोने के काम आता था ।
फिर भी ......
बोला- फिर भी क्या ?
हमने कहा- 4 मई को तू छुपना भी चाहेगा तो जगह नहीं मिलेगी ऐसा ऐलान योगी जी भी कर चुके हैं । शाह साहब ने भी कहा है कि 4 मई को उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे । कहीं उनकी पकड़ में आगया तो ? तू तो यह भी सिद्ध नहीं कर पाएगा कि तू भारत का वोटर है । बांग्लादेशी बताकर बी एस एफ वाले मगरमच्छों के आगे डाल देंगे ।
बोला- ऐसे कैसे ? हम तो शाह साहब के जन्म से पहले के 1961 में राजस्थान में पंचायतों के चुनाव से लेकर 1999 के जनरल इलेक्शन तक मतदान अधिकारी रह चुके मास्टर हैं ।
हमने कहा- बंगाल में 27 लाख के वोट कट चुके हैं । कागजों में मृत । अच्छा हो कि कोलकाता जाने की बजाय यहाँ चुनाव के ऑफिस में चलकर पता कर आयें । कहीं शाह साहब ने हमें यहाँ उल्टा लटकाकर मृत घोषित न कर दिया हो । फिर कहते फिरना कि हम शाह साहब के जन्म से पहले के मतदान अधिकारी हैं ।
हमें अपनी हैसियत समझ लेनी चाहिए । हम न तीन में हैं, न तेरह में ।
बोला- मास्टर यह कहावत तो सुनी है, पुरानी है । हर कहावत के पीछे एक कहानी होती है तो इसके पीछे की कहानी क्या है ?
हमने कहा- वह फिर कभी सुनाएंगे । फिलहाल तो तू चुनाव के ऑफिस में चलने का कार्यक्रम बना ।
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
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