15-04-2026
ट्रम्प का फोन आया क्या ?हमने भी प्रतिप्रश्न दाग दिया- क्यों तेरे पास स्मार्ट फोन नहीं है क्या ? और क्या तेरे फोन में बेलेन्स नहीं है या फिर इंकमिंग बंद है या नेटवर्क काम नहीं कर रहा है ?
बोला- इतने प्रश्न एक साथ । तू तो मुझे साँस ही नहीं लेने देना चाहता, कोई मुद्दे की बात नहीं करने देना चाहता जैसे मोदी जी हर दिन कोई न कोई मुद्दा उठाकर 'इंडिया' को उलझाए हुए हैं ।
हमने कहा- तू भी तो हमें फालतू की बातों में उलझाए हुए रहता है । ट्रम्प के पास कौनसी हमारी कोई गुप्त फ़ाइल है या हम कौन उसके दबैल हैं जो जब चाहे फोन करके कुछ भी बोल देगा और हम चुपचाप 'मैंने युद्ध विराम करवाया' जैसे उसके जुमले सुनते हुए भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं रहेंगे ।
बोला- हाँ या ना में उत्तर दें ।
हमने कहा- ऐसे नहीं होता । अगर तू आज एप्सटीन फ़ाइल के नाम पर चुप्पी लगा जाने वाले किसी संत से पूछे कि क्या आपका नाम फ़ाइल से हटा दिया गया ? हाँ या ना में उत्तर दें । तो क्या यह संभव है ? उगले बने न निगले । फिर भी आज चाय जैसे जमीनी प्रश्न से उठकर सीधे ट्रम्प तक कैसे पहुँच गया ?बोला- कल मोदी जी ने बताया था- “मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।हमने पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में भी चर्चा की और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।ट्रम्प ने भी बताया कि बात 40 मिनट चली और अंत में उसने लिखा- बस मैं आपको बताना चाहता हूँ कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं वी आल लव यू ।
हमने कहा- इतनी अंतरंग बातें ! क्या तेरे पास भी कोई एप्सटीन फ़ाइल लग गई ? क्या इन दोनों के पास तेरा नंबर है ? हम तो न तो किसी को अपना नंबर देते और न ही किसी अनजान नंबर से फोन आने पर उठाते हैं ।सुना है आजकल फोन पर जासूसी हो रही है । हो सकता है कोई चालाकी करके हमारे बैंक खाते से पैसे भी निकाल सकता है ।
बोला- नहीं ऐसा कुछ नहीं है । यह सब तो मुझे इन दोनों के ट्विटर अकाउंट से पता चला है । ये दोनों ही पहुँचे हुए संत हैं । दोनों ही भगवान के अवतार । गाँधी जी की तरह पूर्णतः पारदर्शी । किसी के कुछ छिपाते नहीं । ट्रम्प ने तो अपने अकाउंट का नाम ही 'ट्रुथ सोशियल ' । और मोदी जी तो बिला नागा हर महिने समस्त सृष्टि से मन की बात करते ही हैं ।
हमने पूछा- तोताराम, हमें उत्सुकता है कि बात किस भाषा में हुई होगी ?
बोला- नेताओं के लिए भाषा की कोई समस्या नहीं होती ।वे दिखाने के लिए फ़ोटो खिंचवाते हैं, बिना बात हा हा ही ही करते हैं । वास्तव में तो सभी एजेंडा पहले से तय होता है । और फिर जैसे प्रेम और युद्ध में जब जायज होता है वैसे ही प्रेमकी एक यूनिवर्सल भाषा होती है । फिर ये दोनों तो संत है । दोनों प्रेम के ढाई अक्षर पढ़ रखे हैं । दोनों पंडित हैं । दोनों ईश्वर या ईश्वर के अवतार । इनके लिए कुछ भी संभव है । ट्रम्प आज ईसा के रूप में दिखे हैं कल मोदी जी की तरह विष्णु के रूप में नज़र आ सकते हैं ।
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
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