Apr 17, 2026

15-04-2026 बिहार को सम्राट मिल गया


15-04-2026 


बिहार को सम्राट मिल गया 




आज तोताराम बहुत प्रसन्न था । 

बोला- मास्टर, आज बिहार को सम्राट मिल गया । 

हमने कहा- बहुत देर से मिला । ईसा पूर्व एक हुए सम्राट चंद्र्गुप्त मौर्य, फिर अशोक और उसके कोई पाँच सौ साल बाद मिले सम्राट समुद्रगुप्त । और उसके 1700 साल बाद के लंबे इंतजार के बाद ये सम्राट । बिहार के नए सम्राट । सुना है ये दुर्योधन के मामाजी शकुनी जी के पुत्र हैं । इन्होंने तो लगता है कोई पाँच हजार साल तक इंतजार किया । वैसे इन्हें बनना तो अफगानिस्तान का सम्राट चाहिए था लेकिन क्या करें वहाँ तो अब मुसलमानों की सरकार है । 

बोला- लगता है तू कोई स्मृतिभ्रंश सनातनी है जिसका कालबोध समाप्त हो गया है । यह भी हो सकता है तुझे अलझाइमर हो गया है । कुछ भी याद नहीं रहता । अब 21 वीं शताब्दी है । और अब उस मनुस्मृति को जलानेवाले विरोधी आंबेडकर का संविधान चल रहा है । बड़ी मुश्किल से मोदी जी ने नया संसद भवन सेंट्रल विष्टा बनवाया और उसमें राजतन्त्र का प्रतीक सेंगोल रखवाया तब कहीं जाकर सम्राट का सिंहसनारोहण संभव हुआ । 

हमने कहा- नहीं ऐसा नहीं है । हमें सब याद है । इनसे पहले नीतीश कुमार थे जो तरह तरह से इधर उधर होते रहे यही कोई दस बार मुख्यमंत्री बने लेकिन अंत में छोड़ना ही पड़ा ।   

बोला- तो फिर देर कहाँ हुई । 15 अप्रैल 2026 को नीतीश जी ने इस्तीफा दिया और 15 को ही सम्राट सिंहासनारूढ़ हुए । एक पल का भी विलंब नहीं हुआ । 

हमने कहा- लेकिन कई दिनों से मामला इधर उधर हो रहा था । बात बन ही नहीं रही थी । नीतीश जी भी फूँक फूँक कर कदम उठा रहे थे कि कहीं ऐसा न हो कि यहाँ से छोड़ें और दिल्ली पहुँचें तो राज्यसभा की सांसदी भी निरस्त हो जाए ।  लेकिन चलो धनखड़ की तरह फजीता तो नहीं हुआ जिन्हें कोई फ़ेयरवेल पार्टी देने वाला तक नहीं मिला । वैसे ये सम्राट महाभारत वाले शकुनी सुत नहीं हैं तो फिर किस वंश के कुलदीपक है । 

बोला- वैसे तो चौधरी लिखते हैं लेकिन चौधरी तो बिहार और बंगाल में ब्राह्मण होते हैं । हरियाणा और राजस्थान में जाट और कई जगह बनिए भी होते हैं । अपने चिड़ावा में नहीं थे पोद्दार पार्क के इंचार्ज चिरंजी लाल चौधरी ? उनका बेटा विश्वनाथ चौधरी था अपने साथ । 

हमने कहा- अपने को क्या ? जो भी सिंहासन पर बैठता है वह कुछ भी न हो तो भी क्षत्रिय हो जाता है । ऐसे एक नहीं अनेक उदाहरण हैं । सुनते हैं ब्राह्मणों ने शिवाजी का राज्याभिषेक नहीं करवाया था । चाणक्य ने नन्द को उसके वर्ण के आधार पर बड़ी हिकारत से संबोधित किया था । खैर, सिंहासन बैठे सो क्षत्रिय होई । वैसे सम्राट किस गुरुकुल के स्नातक हैं ?

बोला- सम्राटों के बारे ऐसी बातें पूछकर अपने को संकट में नहीं डालना चाहिए । जितने मुँह उतनी बातें । वैसे उन्होंने अपने बारे में सब कुछ हाफिटडिफीट  में बता दिया है । सूचना के अधिकार के तहत जानकारी माँग ले  लेकिन कहीं मोदी जी के डिग्री के चक्कर में केजरीवाल की तरह कोई 25 हजार का जुर्माना लगा दे तो मुझे मत कहना ।


-रमेश जोशी   



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