19-06-2026
अब और क्या बाकी रह गया
तोताराम आज बहुत उत्साहित था, बोला- अब और क्या बाकी रह गया ?
हमने कहा- कुछ नहीं । कुछ बाकी नहीं रहा । जिस राम मंदिर के कारण भाजपा पावर में आई, जिसका शिलापूजन, प्राणप्रतिष्ठा, ध्वज-उत्तोलन मोदी जी ने किया उस रामलला के गर्भगृह की छत से पानी टपक रहा है । चंदे और चढ़ावे में चोरी और घपला हो रहा है, बहुमूल्य शिलाएं गायब हैं ।और मजे की बात यह कि बात बात पर बुलडोज़र चलवा देने वाले और एनकाउंटर करवा देने वाले दबंग योगी जी के राज में एफआईआर तक नहीं हो रही है । मथुरा के कृष्ण मंदिर के तोशाखाना से हजारों करोड़ के सोने और रत्न गायब होने की शिकायत फलाहारी बाबा से अपने खून से पत्र लिखकर की है लेकिन सब तरफ चुप्पी है । हिन्दू ही नहीं अब तो उनके आराध्य तक खतरे में हैं और वह भी तब जब चपरासी से लेकर राष्ट्रपति तक सब हिन्दू हैं । सचमुच अब और क्या बाकी रह गया ?
बोला- अब अपनी इस बुलेट वाणी को विराम दे । मैं मोदी जी की जी-7 सम्मेलन में अद्भुत उपलब्धि के बारे में बताना चाहता था । किसी को कुछ भी ऊलजलूल बक देने वाले नितांत फूहड़, अविश्वसनीय ट्रम्प ने मोदी जी के बारे में क्या कहा ? ‘सबसे सुंदर दिखने वाले फ़रिश्ते जैसे’ । क्या आजतक किसी प्रधानमंत्री के बारे में किसी अमेरिका राष्ट्रपति से ऐसा कुछ कहा था ? इंदिरा गाँधी को तो निक्सन ने चुड़ैल कहा था ।
हमने कहा- जैसे ट्रम्प विश्वसनीय वैसे ये फ़रिश्ते । प्रशंसा और निंदा महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि कर कौन रहा है ? किसी अज्ञानी, स्वार्थी और लफ़्फ़ाज़ व्यक्ति की बात का कोई महत्व नहीं होता । वह पल पल में स्वार्थ के अनुसार बदलता रहता है ।अब तुझे कोई तुझसे ही पूरा खर्चा लेकर साहित्य मनीषी, राष्ट्ररत्न जैसा कोई सम्मान दे दे तो उसका क्या कोई महत्व है । हमारे पास ‘विश्वा’ में छपने के लिए ऐसे ऐसे कवियों की रचनाएं आती हैं जिनको दो दोहे तक छंद में लिखने नहीं आते लेकिन उनके परिचय में 50-60 सम्मानों की लिस्ट होती है ।हमें भी इलाहाबाद की किसी हिन्दी सेवी संस्था ने 2000 रुपये रजिस्ट्रेशन के बदले सम्मान लेने के लिए बुलाया था लेकिन हमारे बजट में ऐसा प्रोविजन नहीं था सो नहीं गए । आजकल सम्मान भी खरीदे जाते हैं ।
बोला- तो तू क्या कहना चाहता है ? क्या मोदी जी को जो 40-45 सम्मान मिले हैं वे उन्होंने खरीदे हैं ?
हमने कहा- हमने ऐसा तो नहीं कहा लेकिन यह भी सच है कि किसी को मूर्ख बनाने के लिए उसकी झूठी प्रशंसा की जाती है और जो वस्ताव में मूर्ख होता है वह चक्कर में आ भी जाता है जैसे अपने गाने की प्रशंसा सुनकर कौआ लोमड़ी को अपनी रोटी गंवा बैठा । इंदिरा जी को तो निक्सन ने चुड़ैल कहा था क्योंकि वे उसके दबाव में नहीं आईं । लेकिन इंदिरा को यह देश और दुनिया क्या मानते हैं यह किसी से छुपा नहीं है । इस एंजिल (फ़रिश्ते) और ब्यूटीफुल लु किंग (सुंदर) विशेषण में लोमड़ी की चालाक खुशामद नजर आती है किसी पारखी की नजर कम । वैसे ट्रम्प के सौंदर्य-प्रेम का अनुमान उनके अनेक वैवाहिक और विवाहेतर संबंधों के आधार पर लगाया जा सकता है ।
और जहाँ तक अमेरिका के राष्ट्रपतियों के मन में भारत के प्रधानमंत्रियों के प्रति सम्मान का प्रश्न है तो उसका अनुमान रीगन द्वारा राजीव गाँधी पर छाता तानकर चलने में, नेहरू जी के लिए ट्रू मैन का देर तक हवाई अड्डे पर उनके इंतजार करने से पता चलता है जबकि ब्यूटीफुल लुकिंग को लेने व्हाइट हाउस के दरवाजे पर एक तृतीय श्रेणी का कर्मचारी भेजा जाता है । ओबामा कहते थे जब मनमोहन बोलते हैं तो सारी दुनिया सुनती है ।
बोला- फिर भी प्रशंसा तो प्रशंसा ही होती है ।
हमने कहा- प्रशंसा क्या, जिस तरह से पर्ची लेकर ट्रम्प से बात कर रहे थे उससे यह लगता था जैसे किसी चौथी फेल को यूपीएससी के इंटरव्यू में बैठा दिया हो । सब लोग हँस रहे हैं । साथ में ले गई पर्ची भी ढंग से नहीं देख पा रहे थे । इससे अच्छा तो जाते ही नहीं या आमिर शाह जैसे चाणक्य और इतिहास के विद्यार्थी को भेज देते ।
वैसे भी हम वास्तविक जी-7 की गिनती में थोड़े आते हैं । वह तो कुछ देशों को खुश करने के लिए गैलरी में खड़े होकर फिल्म देखने जैसा दर्जा दिया गया है जैसे दक्षिण कोरिया, ब्राजील, मिस्र, कीनिया के साथ मोदी जी के शब्दों में विश्वगुरु भारत को ।
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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
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