28-07-2026
56 इंच का छोटा बंदर
तोताराम ने आज बड़ा अजीब प्रश्न पूछा- मास्टर, बड़े से बड़ा बंदर कितना बड़ा होता है ?
हमने कहा- भई बड़े से बड़े की कोई सीमा नहीं होती । वह तो बड़े से भी बड़ा होता है जैसे मोदी जी नेहरू से भी बड़े हो चुके हैं कार्यकाल के हिसाब से । हो सकता है कल को कोई उनसे भी आगे निकल जाए । वैसे अब तक का रिकार्ड तो फ्रांस के लुई 14 वें के नाम है जो 72 साल तक गद्दी पर काबिज रहा , जब तक कि मर नहीं गया । अब मोदी जी तो मोदी जी है विष्णु के अवतार या फिर साक्षात विष्णु । जब तक उनका मन करे रहें । और फिर उनका विकल्प भी तो नहीं है ।
बोला- हर बात को बिना बात खींच खींचकर इतना बड़ा कर देता है कि बात का मज़ा ही खराब हो जाता है । बात मोदी जी की नहीं, बंदर की हो रही थी कि बड़े से बड़ा बंदर कितना बड़ा होता होगा ?
हमने कहा-सामान्य रूप से बंदर चारों पैरों पर चले तो ज्यादा से ज्यादा डेढ़ फुट ऊँचाई का होता होगा और अगर दो पाँवों पर खड़ा हो जाए तो पूँछ समेत अधिक से अधिक तीन फुट का होता होगा ।
बोला- तो फिर जंतर मन्तर पर ये कॉकरोच क्या गा रहे थे- 56 इंच का छोटा बंदर । पेपर लीक कर गया बंदर ।
हमने कहा- या तो यह इन बच्चों का अज्ञान है या फिर बड़बोलापन । ंइन्हें बंदर की क्षमता और खुराफ़ातों का कुछ ज्ञान नहीं है । बंदर मनुष्य का पूर्वज है और फिर शैतान भी । वह कुछ भी हो, कितना भी छोटा-बड़ा हो सकता है । जैसे लंका में घुसते समय बंदर हनुमान मशक अर्थात मच्छर के समान आकार का हो गया और फिर जब सीता जी ने उनके आकार को देखकर शंका की-
"हैं सुत कपि सब तुम्हहि समाना । जातुधान अति भट बलवाना’
तो उन्होंने विराट रूप धारण किया-
“कनक भूधराकार सरीरा, समर भयंकर अतिबल बीरा॥”
बंदर कुछ भी कर सकता है और अगर 56 इंच का हो तो कहना ही क्या ? चाहे तो इतिहास तक को बदल सकता है ।
बोला- कैसे ?
हमने कहा- जयपुर में बंदर आज भी कम नहीं हैं । हम तो तुझे 1964 की बात बता रहे हैं जब हम परीक्षा देने जयपुर गए थे । चांदपोल में भाई साहब के एक मित्र के यहाँ ठहरे थे । खुली छत पर बैठे पढ़ रहे थे । बीच में पाँच सात मिनट के लिए गन्ने का ज्यूस पीने के लिए बाहर गली में गए । आए तो देखा कि एक बंदर हमारा हिन्दी साहित्य का इतिहास लेकर नीम पर बैठा हुआ उसके पन्ने फाड़ फाड़कर फेंक रहा है ।
सारा इतिहास उलट पुलट दिया । सो बंदर छोटा हो या बड़ा, 56 इंच का या 26 का सावधान रहो ।
पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए (क्लिक करें)
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach
No comments:
Post a Comment