May 27, 2026

27-05-2026 मुसलमानों को क्या हो गया ?


27-05-2026 



मुसलमानों को क्या हो गया  ? 




आज तोताराम बड़ा बेचैन था, बोला- यह मुसलमानों को क्या हो गया ?


हमने कहा- क्या हो गया ? पढ़ें तो यूपीएससी जिहाद, किसी हिन्दू लड़की से प्यार हो जाए तो लव जिहाद, किसी मेडिकल कॉलेज में सलेक्ट हो जाएँ तो मेडिकल जिहाद, क्रिकेट में कोई कमाल दिखा दें तो क्रिकेट जिहाद, कहीं किसी सोसाइटी में प्लॉट-मकान खरीद  लें तो लैंड जिहाद । हालाँकि अनुपात में पिछले कई दशकों से कोई अंतर नहीं आया है फिर भी जनसंख्या जिहाद । भाजपा ने सबका साथ सबका विकास के तहत एक भी मुसलमान को पंच से प्रधान तक कोई भी टिकट न देकर किसी तरह ‘लोकतंत्र जिहाद’ को रोका हुआ है । अब तो रोटी-पानी और साँस लेने वाला जिहाद ही बाकी बचा है । फिर भी अब कौनसा देशद्रोह, भावना आहत करने वाला नया कांड कर दिया क्या ?


बोला- मास्टर, लगता है इनको देश का विभाजन करवाने वाला वह गाँधी, जिसे देशभक्तों ने कोई आठ दशक पहले ही निबटा दिया था, वैचारिक रूप से इन्हें बहका रहा है । सुना ! अब कह रहे हैं हम न तो गाय को काटेंगे और न ही गाय का मांस खाएंगे । अब यह भी कोई बात हुई ? और अब तो इनका एक धर्मिक नेता कह रहा है कि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे । 


हमने कहा- यह तो अच्छी बात है । बाबर ने भी हिन्दू भावनाओं को देखते हुए गौहत्या पर प्रतिबंध लगा दिया था । 


बोला- अगर ये गाय नहीं काटेंगे तो फिर जो निठल्ले गौ रक्षक हफ्ता वसूली करते घूम रहे हैं उनका काम कैसे चलेगा । हो सकता है अब वे सरकार से काम, नौकरी माँगने लग जाएंगे । बंगाल में बहुत से हिन्दू पशुपालक अच्छी कमाई करने के लिए बहुत सी गाएं ईद पर बेचने के लिए आये तो मुसलमानों ने कह दिया कि वे न तो गाय काटेंगे और न ही खाएंगे । अब वे हिन्दू गौपालक घोषाल क्या करें । रोजाना एक जानवर पर खाने का चार-पाँच सौ रुपया खर्च हो रहा है । कमाई गई सो अलग ।  


हमने कहा- लेकिन हमें तो खुश होना चाहिए कि मुसलमानों ने हिंदुओं की भावनाओं का खयाल रखना शुरू कर दिया है । अच्छा है गौहत्या न होगी तो सत्य सनातन सतयुग लौट आएगा । राष्ट्रवादी हिन्दू गौ भक्तों का गौशाला उद्योग और विकसित होगा । 


बोला- गौ शाला उद्योग गायों से नहीं, कागजों पर गाएं दिखाकर सरकारी अनुदान पेलने से विकसित होता है । और अब एक बहुत बड़ा मुद्दा जिसके तहत अनेक छुटभय्ये नेता नेतागीरी करते घूमते फिर रहे हैं अचानक मुद्दाविहीन हो जाएंगे ।  कल को ये लोग  हिन्दू मालिकों के बड़े बड़े बूचड़खानों में गाएं काटने का काम बंद कर देंगे  ? तो हिन्दू मालिक जो हजारों करोड़ का बीफ निर्यात करके कमाई करते हैं और सनातनी पार्टियों को चंदा  देते हैं उसका क्या होगा । 

हमने कहा- तो क्या हुआ ? करोड़ों हिन्दू मांस खाते हैं । जब मुसलमान नहीं आये थे तो क्या मांस खाने वाले हिन्दू और पशु काटने वाले कसाई भारत में नहीं हुआ करते थे ।

 

बोला- वह तो ठीक है लेकिन फिर हिंदुओं की सात्विक और अहिंसक वाली छवि का क्या होगा ? और अगर किसी ने यह उत्तराखंड के ‘बाबा ड्रेसेज’ के मुस्लिम मालिक की तर्ज पर हिन्दू मालिक के बूचड़खाने के मुसलमान नाम पर केस कर दिया तो ? फिर क्या हिन्दू, शर्मा, वर्मा, सिंह, सनातन, वैदिक, जय शेराँ  वाली जैसा कोई नाम रखेंगे ? । 


अब तो मोदी जी तत्काल कोई अध्यादेश लाना चाहिए कि कोई भी मुसलमान पवित्र हिन्दू आस्था, संस्कृति और मुद्दों में अपनी टांग नहीं अड़ा सकेगा । 


 



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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन । Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Jhootha Sach

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